अपनी रोजी रोटी बचाने के लिए बुलडोजर के आगे लेट गए लोग

वापी/वलसाड.पारडी तहसील के रोहिणा गांव में नहर मार्जिन की जमीन में कई साल से बनी दुकानों व केबिन को तोड़ने पहुंचे विभाग के अधिकारियों व पुलिस को लोगों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। हालांकि भारी संख्या में पहुंचे पुलिस बल ने विरोध करने वालों को डिटेन कर दिया और बाद में डिमोलिशन को अंजाम दिया गया। दुकानदारों के समर्थन में पहुंचे वांसदा विधायक अनंत पटेल के साथ भी थाने में धक्का मुक्की का मामला सामने आया है।

नगर विभाग द्वारा गत दिनों रोहिणा में नहर विभाग द्वारा नहर से 18 फिट की मार्जिन में स्थित दुकान व केबिन धारकों को नोटिस देकर स्थान खाली करने को कहा गया था। लोगों ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि कई साल से वे अपना धंधा यहां कर रहे हैं। दुकान हटने के बाद उनकी रोजी रोटी का साधन छिन जाएगा। परंतु नहर विभाग द्वारा मंगलवार को भारी पुलिस बल के साथ डिमोलिशन शुरू किया गया। लेकिन महिलाएं व पुरुष दुकान बचाने को पूरी तरह अड़ गए। डिमोलिशन के लिए पुलिस और नहर विभाग ने पूरी तैयारी की थी। भारी पुलिस संख्या के साथ मौके पर एंबुलेंस भी मौजूद थी।

अपनी दुकानों को बचाने के लिए लोग बुलडोजर के आगे सो गए थे। कुछ महिलाएं उसके ऊपर भी चढ़ गई थी। दुकानदारों के समर्थन में अन्य स्थानीय लोगों के साथ धरमपुर तालुका पंचायत सदस्य व आदिवासी समाज के कई लोग मौके पर पहुंच गए और तोडक़ कार्रवाई का विरोध करने लगे। लोगों ने पुलिस और नहर विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी की। बुलडोजर के आगे लोगों के सो जाने के बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें हटा दिया। आदिवासी समाज के नेताओं को डिटेन किया गया। इस दौरान एक महिला द्वारा कथित तौर पर फंदा लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास भी किया गया। उसकी हालत बिगडऩे पर तुरंत एंबुलेंस में अस्पताल भेजा गया। लेकिन इतना सब कुछ होने के बाद भी लोग अपनी दुकानों को बचा नहीं पाए।

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