BMC Alert For Variant JN.1: मुंबई में कोरोना के नए वेरिएंट JN.1 को लेकर क्या है तैयारी, जानिए कैसे करें अपना बचाव

मुंबई: कोरोना (Coronavirus) के नए (New) वेरिएंट जेएन.1 (Variant JN.1) को लेकर राज्य का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट (Alert) मोड (Mode) पर आ गया है। इधर बीएमसी (BMC) प्रशासन भी सतर्क हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को सतर्कता बरतने का आदेश दिया है। सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। साथ ही सर्वे करने और कोरोना जांच की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।ओमिक्रॉन का नया वेरिएंट जेएन.1 केरल में पाए जाने के बाद लोगों में डर का माहौल फैल गया है। नए वैरिएंट जेएन.1 के मरीज दिसंबर की शुरुआत से अमेरिका, चीन और सिंगापुर में बड़ी संख्या में पाए गए हैं। इस महीने की 8 तारीख को केरल की एक 79 वर्षीय महिला जेएन.1 से संक्रमित पाई गई थी। 

केंद्र ने दिया आदेश 

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को स्वास्थ्य सेवाएं तैयार रखने का आदेश दिया था। इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को सावधानी बरतते हुए सतर्कता बरतने का आदेश दिया है।  इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारियों और तीव्र श्वसन संबंधी बीमारियों वाले रोगियों का अधिक प्रभावी ढंग से सर्वेक्षण करने का सुझाव दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को कोरोना टेस्ट बढ़ाने का आदेश दिया है। नए वेरिएंट को लेकर तैयारियां की जा रही हैं और सभी जिलों के अस्पतालों की तैयारियों का दोबारा निरीक्षण किया गया है। 

मेडिकल शिक्षा मंत्री मुश्रीफ ने दिए जरूरी निर्देश
मेडिकल शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने बुधवार को संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया और सभी को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है। बीएमसी प्रशासन भी कोरोना को लेकर सक्रिय हो गया है। बीएमसी की कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी  डॉ. दक्षा शाह के अनुसार हमारी स्वास्थ्य मशीनरी पूरी तरह से सतर्क है। केंद्र और राज्य सरकार का दिशा-निर्देश मिलते ही, उसके अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।  

घबराने की जरूरत नहीं
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभी तक राज्य में जेएन.1 का मरीज नहीं मिला है। जेएन.1 मरीजों में हल्के लक्षण दिख रहे हैं। इसलिए इस वेरिएंट से डरने की जरूरत नहीं है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतने की जरूरत है। प्रदेश में जेनेटिक सीक्वेंसिंग का कार्य नियमित रूप से किया जा रहा है। आज तक राज्य में JN1 वेरिएंट का एक भी मरीज नहीं मिला है। सभी लोगों को जहां आवश्यक हो वहां मास्क पहनना चाहिए, बार-बार हाथ धोना चाहिए और कोरोना नियमों का पालन करना चाहिए। 

अस्पतालों में चला मॉक ड्रिल
कोरोना को लेकर कई अस्पतालों में मॉक ड्रिल भी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग व जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों के माध्यम से चलाए गए मॉक ड्रिल में 1264 स्वास्थ्य संस्थानों ने भाग लिया। इसमें 655 सरकारी अस्पतालों, 575 निजी अस्पतालों, 14 सरकारी मेडिकल कॉलेजों, 14 निजी मेडिकल कॉलेजों और 6 अन्य अस्पतालों जैसे 1264 स्वास्थ्य संस्थानों ने भाग लिया। 

वर्तमान में मेडिकल सुविधा की स्थिति
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में ऑक्सीजन की उपलब्धता ऑक्सीजन की क्षमता से दोगुनी है। राज्य में 63 हजार 675 आइसोलेशन बेड, 33 हजार 404 वेंटिलेटर बेड, 9 हजार 521 गहन चिकित्सा इकाई बेड, 6003 लाइफ सपोर्ट सिस्टम बेड हैं। सभी अस्पतालों में 23 हजार 701 डॉक्टर, 22 हजार 330 कोविड के संबंध में प्रशिक्षित डॉक्टर, नर्स 25 हजार 597, प्रशिक्षित नर्स 22 हजार 324, स्वास्थ्य कार्यकर्ता 10 हजार 236, प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ता 9 हजार 101, आयुष डॉक्टर 8 हजार 258, प्रशिक्षित आयुष डॉक्टर 7 हजार 992, उपलब्ध आरटीपीसीआर किट 3 लाख 26 हजार 280, उपलब्ध रैपिड एंटीजन किट 16 लाख 8 हजार 631 उपलब्ध है। 

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