बारिश की पृष्ठभूमि में सभी शासकीय तंत्र 24×7 ‘अलर्ट मोड’ पर रहें- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

पी.वी.आनंदपद्मनाभन

मुंबई,
मुंबई सहित तटीय जिलों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ ही आज दोपहर 3:00 बजे से 4:30 बजे के बीच समुद्र में उच्च ज्वार (हाई टाइड) आने की भी संभावना है। इस पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी संबंधित विभागों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। राज्यभर में आज और कल भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने नागरिकों से भी अपील की कि अत्यावश्यक कार्य के अलावा वे घर से बाहर न निकलें।


राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री फडणवीस ने राज्य में वर्षा से उत्पन्न परिस्थितियों की समीक्षा की। इस अवसर पर आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मुंबई तथा तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा होने की संभावना है। संभावित उच्च ज्वार को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) तथा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) को अलर्ट मोड पर रखा गया है। यदि बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है तो एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को तुरंत रवाना किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि आपात स्थिति में नागरिकों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर आने वाली बाधाओं को तत्काल दूर कर यातायात सुचारु किया जाए। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साथ समन्वय स्थापित कर राजमार्ग पर जमा मलबा हटाया जाए। वर्षा की स्थिति को देखते हुए संभावित भूस्खलन वाले स्थानों पर बचाव दल पहले से तैयार रखें। साथ ही मुंबई-गोवा राजमार्ग पर भी इस बार अप्रत्याशित स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। इसलिए संबंधित विभाग पूरी तरह सतर्क रहें तथा भूस्खलन का मलबा तुरंत हटाएं। किसी भी परिस्थिति में यातायात जाम न होने पाए, इसकी विशेष सावधानी बरती जाए।

नासिक और त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरती जाए

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि अरब सागर में बन रहे गहरे निम्न दबाव क्षेत्र के कारण कल नासिक जिले के अधिकांश हिस्सों में बादल फटने जैसी अत्यधिक वर्षा होने की प्रबल संभावना है। विशेष रूप से त्र्यंबकेश्वर तथा आसपास के क्षेत्रों में लगभग 300 मिमी वर्षा होने का अनुमान है। ऐसी स्थिति में नासिक जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार रहे तथा निचले इलाकों में जलभराव न हो, इसके लिए आवश्यक उपाय करे। साथ ही कहीं भी जनहानि न हो, इसके लिए भी विशेष सतर्कता बरती जाए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए नासिक एवं त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में मौजूद पर्यटकों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरती जाए। जिन मार्गों के बंद होने अथवा भूस्खलन की आशंका है, उन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने पर्यटकों से भी अगले कुछ दिनों तक त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र की यात्रा न करने की अपील की।
उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को अत्यधिक सतर्क रहते हुए फंसे हुए नागरिकों के बचाव के लिए तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अगले 48 घंटे तक ‘शून्य जनहानि’ का लक्ष्य रखते हुए अधिकतम सतर्कता बरती जाए।

मुंबई शहर में मात्र चार दिनों के भीतर पूरे एक महीने की औसत वर्षा दर्ज की गई है। विशेष रूप से उच्च ज्वार के दौरान ऐसी स्थिति बड़े पैमाने पर आपदा का रूप ले सकती है। हालांकि संबंधित एजेंसियों के प्रयासों से जलभराव की स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में रही है। कल मुंबई में लगभग 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिसके कारण शहर में बड़ी संख्या में पेड़ गिरने की घटनाएं हुईं। सामान्यतः पूरे चार महीने के मानसून में जितने पेड़ गिरते हैं, उनमें से लगभग 300 पेड़ केवल एक ही दिन में गिर गए, ऐसा मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया।
अगले तीन दिनों अर्थात 8 जुलाई की रात तक मौसम की तीव्रता बनी रहने का अनुमान है। सभी जिला प्रशासनों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। इस बीच भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आई हैं। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भी बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ है, जिससे सड़क पर भारी मात्रा में मिट्टी और पत्थर आ गए हैं। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए मार्ग को शीघ्र साफ कर यातायात बहाल करने के निर्देश दिए।
ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने नागरिकों से एहतियात के तौर पर ‘वर्क फ्रॉम होम’ अपनाने की अपील की। उन्होंने निजी संस्थानों से भी मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने का आग्रह किया तथा चेतावनी दी कि ऐसा न करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न मंडलों के मंडलायुक्तों से संबंधित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, अपर मुख्य सचिव (गृह) मनीषा म्हैसकर, पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते, अपर मुख्य सचिव (लोक निर्माण) मिलिंद म्हैसकर, अपर मुख्य सचिव (राजस्व) विकास खारगे, बृहन्मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे, प्रधान सचिव (नगर विकास) के.एच. गोविंदराज, प्रधान सचिव (जल संसाधन) एकनाथ डवले, राहत एवं पुनर्वास विभाग की प्रधान सचिव विनिता वेद सिंगल, प्रधान सचिव तथा महानिदेशक बृजेश सिंह, सचिव (स्वास्थ्य) ई. रविंद्रन, निदेशक श्री चव्हाण सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed