
जामनगर जिले में लंबे समय से चल रहे करोड़ों रुपये के फर्जी बिलिंग और GST चोरी के संगठित नेटवर्क के खिलाफ राज्य कर (GST) विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीमों ने एक साथ 20 से अधिक स्थानों पर छापे मारकर डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए हैं।
जांच में सामने आया है कि कई फर्जी फर्मों के माध्यम से बिना वास्तविक व्यापार किए केवल कागजी लेन-देन दिखाकर फर्जी GST बिल जारी किए जा रहे थे। इन बिलों के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत लाभ लिया जा रहा था।
प्रारंभिक जांच में लगभग 14 प्रमुख व्यक्तियों की भूमिका सामने आई है। विभाग अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और कंपनियों की भी जांच कर रहा है। आने वाले दिनों में सब-रजिस्ट्रार और स्टाम्प विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण फाइलों की भी जांच की जा सकती है।
अधिकारियों के अनुसार, संपत्ति हस्तांतरण (प्रॉपर्टी ट्रांसफर) में अनियमितता करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है और करोड़ों रुपये की कर चोरी से जुड़े अन्य लाभार्थियों तक भी जांच पहुंच सकती है।
समाचार में यह भी उल्लेख है कि कई कंपनियां केवल कागजों पर संचालित हो रही थीं, जबकि वास्तविक कारोबार कहीं और से किया जा रहा था। विभाग को बड़े पैमाने पर फर्जी बिलिंग और कर चोरी के संकेत मिले हैं, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

