मुंबई|Share Market. भारतीय शेयर बाजार(Share Market) के रेकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बावजूद अभी और तेजी आने की उम्मीद है। विदेशी निवेशकों का निवेश बढ़ने, शानदार जीडीपी ग्रोथ रेट, कच्चे तेल की कीमतें घटने और अमरीका सहित विकसित देशों में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद से भारतीय शेयर बाजार में और तेजी आने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में तेजी आम चुनाव तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अगला 5 साल भारतीय शेयर बाजार का है। पिछले 5 साल में ही भारत की बाजार पूंजी दोगुनी से अधिक बढ़कर 4.19 ट्रिलियन डॉलर हो गई है। वहीं एक अरब डॉलर से अधिक बाजार पूंजी वाली कंपनियों की संख्या भी वर्ष 2018 के 256 से बढ़कर अब 504 हो गई है।
घरेलू शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह आर्थिक आंकड़ों, ग्लोबल ट्रेंड और फेडरल रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग के फैसलों से तय होगी। जियोजित फाइनेंशियल के विनोद नायर ने कहा, औद्योगिक व विनिर्माण उत्पादन के आंकड़े भी इस हफ्ते आने वाले हैं। रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा ने कहा हम बाजारों पर सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए हुए हैं।
