SURAT POLITICAL NEWS: 17 में से 8 प्रत्याशियों को जीत हुई नसीब

सूरत. हर बार सूरत आकर विधानसभा चुनाव में जीत का सेहरा बांधने के सिलसिले में इस बार रुकावट आई है। राजस्थान विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार कार्य के लिए पिछले दिनों सूरत आए सभी प्रत्याशियों का परिणाम रविवार को सामने आ गया। इसमें उन्हें महज 50 फीसदी ही सफलता मिली। जबकि जीत की सफलता की दर पिछले चुनावों तक 70 प्रतिशत से अधिक रही है। रविवार को घोषित परिणाम में से सूरत आए 17 उम्मीदवारों में से केवल 8 को ही विधानसभा भवन पहुंचने का अवसर जनता ने दिया है।

प्रत्येक विधानसभा चुनाव में राजस्थान से कई नेता व प्रत्याशी सूरत आते हैं और प्रवासी राजस्थानी समाज से समर्थन मांगते हैं। इस बार भी भाजपा-कांग्रेस के 17 उम्मीदवार सूरत आए थे। अपणायत की परंपरा में विश्वास रखने वाले प्रवासी राजस्थानी समाज ने यहां उन्हें ना केवल पलक-पांवड़े पर बिठाया, बल्कि बसों में भर-भरकर वहां मतदान के लिए भी पहुंचे। दिलचस्प बात यह है कि जो प्रत्याशी प्रचार के लिए सूरत नहीं आए थे और उनके लिए सूरत से प्रवासी मतदाता वहां पहुंचे, उनमें से ज्यादातर ने रविवार को घोषित चुनाव परिणाम में जीत हासिल की है। इसके विपरीत जो प्रत्याशी सूरत प्रचार के लिए सूरत आए थे, उनमें से केवल 50 प्रतिशत ही जीत का सेहरा बांध सके।

सूरत आकर जीतने वाले :
पिछले दिनों सूरत आए राजस्थान के पार्टी प्रत्याशियों में से जीत का सेहरा रविवार को 8 उम्मीदवारों के सिर पर बंधा है। जीतने वाले सभी उम्मीदवार भाजपा के हैं। इनमें सिरोही सीट से ओटाराम देवासी, धोद सीट से गोरधन वर्मा, पोकरण सीट से महंत प्रतापपुरी, गोगुंदा सीट से प्रताप गमेती, कुंभलगढ़ सीट से सुरेंद्रसिंह राठौड़, आहोर सीट से छगनसिंह राजपुरोहित, सोजत सीट से शोभा चौहान व जालोर सीट से जोगेश्वर गर्ग शामिल हैं।

इन्होंने चखा हार का स्वाद :
राजस्थान से सूरत आने के बाद रविवार को हार का स्वाद चखने वाले प्रत्याशियों में कुल 9 जने शामिल रहे। इनमें 6 भाजपा के हैं तो 2 कांग्रेस के और एक निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में शामिल हैं। इनमें बायतू सीट से भाजपा के बालाराम मूंड, लक्क्ष्मणगढ़ सीट से सुभाष महरिया, परबतसर सीट से मानसिंह किनसरिया, रानीवाड़ा सीट से नारायणसिंह देवल, सांचोर सीट से देवजी पटेल व रेवदर सीट से जगसीराम कोली शामिल हैं। इनके अलावा कांग्रेस के बाड़मेर सीट से मेवाराम जैन व सिरोही सीट से संयम लोढ़ा के अलावा नोखा सीट से निर्दलीय कन्हैयालाल झंवर ने चुनाव परिणाम में मात खाई है।

इनकी हो गई बल्ले-बल्ले :
करीब 10 ऐसे प्रत्याशी भी रहे जो प्रचार सिलसिले में सूरत आए बगैर विजय हुए। सूरत से इन प्रत्याशियों के समर्थन में सैकड़ों प्रवासी मतदाता बसों में 25 नवंबर को वहां पहुंचे थे। इन उम्मीदवारों में राजसमंद सीट से भाजपा की दीप्ति माहेश्वरी, जैतारण सीट से अविनाश गहलोत, नाथद्वारा सीट से विश्वराजसिंह, मारवाड़ जंक्शन सीट से केसाराम चौधरी, भीम सीट से हरिसिंह रावत, सिवाना सीट से हमीरसिंह भायल, शिव सीट से निर्दलीय रविंद्रसिंह भाटी के नाम शामिल हैं।

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