
यह नाम केवल हिम्मत का प्रतीक नहीं,
बल्कि साहस, ईमानदारी, दिलेरी और दरियादिली का जीवंत उदाहरण है।
हिम्मत सिंह जैसे लोग बहुत कम होते हैं —
जिनकी जितनी तारीफ़ की जाए, उतनी ही कम लगती है।
सिर पर सजी तिरंगे वाली पगड़ी
उनकी पहचान ही नहीं, बल्कि
उनकी देशभक्ति, संस्कार और स्वाभिमान की सबसे बड़ी निशानी है।
उन्हें देखते ही एहसास हो जाता है कि
यह इंसान ज़मीन से जुड़ा हुआ है,
लेकिन सोच और इरादों में आसमान जितना ऊँचा।
जैसा नाम है, वैसा ही काम है — हिम्मत सिंह।
वे सिर्फ़ नाम से ही नहीं,
बल्कि हर फैसले, हर रिश्ते और हर ज़िम्मेदारी में
हिम्मत दिखाने वाले इंसान हैं।
सही समय पर सही बात कहना
और सही के लिए खड़े होना —
यही उनकी असली पहचान है।
मेहनत, विश्वास और स्वाद की मिसाल — “शेर-ए-पंजाब
लस्सी”

“शेर-ए-पंजाब लस्सी” के मालिक हिम्मत सिंह ने
मेहनत, ईमानदारी और गुणवत्ता के दम पर
अपनी अलग और सम्मानजनक पहचान बनाई है।
नवसारी से लेकर (Gandevi) तक
उनकी शाखाएँ केवल व्यापार नहीं,
बल्कि विश्वास और स्वाद का रिश्ता बन चुकी हैं।
उनकी लस्सी का स्वाद भी बिल्कुल
उनकी शख़्सियत की तरह है —
मिठास से भरा, शुद्ध और दिल को छू जाने वाला।
इतनी सफलता के बावजूद
हिम्मत सिंह आज भी
ज़मीन से जुड़े हुए, सरल स्वभाव के
और हर किसी के सुख-दुख में खड़े रहने वाले इंसान हैं।
उनकी दरियादिली, अपनापन और सम्मानभाव
उन्हें भीड़ से अलग करता है।
गणतंत्र दिवस और तिरंगे की सलामी — सच्ची देशभक्ति की पहचान

गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर,
सलामी तिरंगे को देते हुए,
जब कोई वीर पुरुष
सिर पर तिरंगे की पगड़ी बांधकर गर्व से खड़ा होता है,
तो वह केवल एक व्यक्ति नहीं रहता —
वह बन जाता है
सच्ची देशभक्ति, स्वाभिमान और भारत माता के प्रति अटूट प्रेम
की जीवंत तस्वीर।

सिर पर सजी यह तिरंगी पगड़ी
चिरंजीवी भारत की शान है,
जो यह बताती है कि
अपने देश से कितना प्यार है
और इस मिट्टी से कितना गहरा नाता है।
देशभक्ति दिखावे से नहीं होती,
वह कर्म, संस्कार और सोच में बसती है।
सलामी तिरंगे को देते हुए उठी हुई नज़र
यह साबित करती है कि
यह प्रेम शब्दों का नहीं,
बल्कि रग-रग में बहते भारत प्रेम का प्रतीक है।
जब तिरंगा सिर पर हो
और भारत दिल में,
तो समझ लीजिए —
वह इंसान केवल इस धरती पर पैदा नहीं हुआ,
बल्कि इस धरती के लिए जीने वाला सच्चा देशभक्त है।
नवसारी को गर्व है
हमें गर्व है कि
ऐसे शेरदिल, कर्मठ और देशभक्त इंसान
नवसारी, गुजरात की धरती पर हैं।
हिम्मत सिंह सिर्फ़ एक नाम नहीं —
वह पहचान हैं,
वह प्रेरणा हैं,
और वह नवसारी की आन-बान-शान हैं। 🇮🇳✨
ऐसे लोग हमें याद दिलाते हैं कि
गणतंत्र दिवस केवल एक उत्सव नहीं,
बल्कि संविधान, कर्तव्य और बलिदान का सम्मान है।
सलामी तिरंगे को देते हुए
झुकता सिर नहीं,
बल्कि ऊँचा उठता हुआ राष्ट्र का स्वाभिमान दिखाई देता है।
✍️ कलम से:
धनंजय राजेश गावड़े
(Jan Kalyan Time News, Mumbai)
📸 प्रस्तुति:

धनंजय राजेश गावड़े
Press Photographer
Jan Kalyan Time News, Mumbai
📰 माध्यम:

Jan Kalyan Time News, Mumbai
जन-जन तक सच्चा और प्रेरणादायक संदेश
🌐 Official Website:
https://jankalyantime.in
