शेयर ट्रेडिंग के नाम पर पुणे का सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड, 85 साल के बुज़ुर्ग से 22 करोड़ की ठगी

पुणे में अब तक का सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड केस सामने आया है, जहां 85 साल के बुज़ुर्ग से WhatsApp शेयर ट्रेडिंग स्कैम के जरिए 22.03 करोड़ रुपये ठग लिए गए. इस मामले ने सबको चौंका दिया है. पुलिस इस मामले की छानबीन कर रही है.

महाराष्ट्र के पुणे में साइबर पुलिस ने शहर के अब तक के सबसे बड़े साइबर फ्रॉड की जांच शुरू कर दी है. इस मामले में 85 साल के एक रिटायर्ड कारोबारी को 22.03 करोड़ रुपये की चपत लगाई गई है. पीड़ित बुज़ुर्ग हड़पसर इलाके के रहने वाले हैं और यह धोखाधड़ी अक्टूबर से लेकर 12 जनवरी तक चली. आर्थिक अपराध शाखा (EOW) इस पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच कर रही है. पुलिस के मुताबिक यह रकम ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग स्कैम के जरिए हड़पी गई. यह केस जनवरी 2023 के बाद पुणे साइबर पुलिस के लिए सबसे बड़ा साइबर अपराध बन गया है.

लिंक से शुरू हुआ ठगी का खेल

जांच में सामने आया कि ठगों ने बुज़ुर्ग को एक WhatsApp लिंक के जरिए अपने जाल में फंसाया. इस लिंक से उन्हें एक ऐसे ग्रुप में जोड़ा गया, जहां शेयर बाजार में असाधारण मुनाफे का लालच दिया जा रहा था. ग्रुप में खुद को निवेश विशेषज्ञ बताने वाले लोग रोज़ मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा करते थे. इन झूठे दावों ने धीरे-धीरे पीड़ित का भरोसा जीत लिया. ठगों ने यह दिखाया कि निवेश की गई रकम कुछ ही दिनों में दोगुनी हो रही है.

फर्जी डैशबोर्ड, दोगुना मुनाफा

आरोपियों ने WhatsApp पर फर्जी ट्रेडिंग डैशबोर्ड दिखाकर पीड़ित को भ्रमित किया. इन डैशबोर्ड में निवेश पर भारी मुनाफा दिखाया जाता था, जिससे बुज़ुर्ग को लगता रहा कि उनका पैसा सुरक्षित है. हकीकत में यह सारा डेटा पूरी तरह से मनगढ़ंत था. जब भी पीड़ित पैसा निकालने की कोशिश करता, तकनीकी कारणों का बहाना बनाकर ट्रांजैक्शन फेल दिखा दिया जाता. यहीं से उन्हें ठगी का शक हुआ.

150 बैंक खातों में ट्रांसफर हुई रकम

EOW अधिकारियों के अनुसार, पीड़ित ने करीब 150 अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए. ये खाते देश के सात बैंकों में फैले हुए थे, जिनमें नोएडा, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे शहर शामिल हैं. पुलिस को शक है कि इनमें से ज़्यादातर खाते ‘म्यूल अकाउंट’ थे. इन खातों का इस्तेमाल सिर्फ ठगी की रकम को इधर-उधर घुमाने के लिए किया गया. इतनी बड़ी संख्या में खातों का इस्तेमाल इस फ्रॉड को संगठित गिरोह की ओर इशारा करता है.

संपत्ति तक बेच दी

पीड़ित बुज़ुर्ग ने इस लालच में अपनी जीवन भर की जमा पूंजी गंवा दी. उन्होंने न सिर्फ सेविंग्स बल्कि चल-अचल संपत्तियां तक बेच दीं. कुछ साल पहले उनका व्यवसाय बंद हो चुका था, जिसके बाद वे अपनी जमा रकम पर निर्भर थे. शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे की उम्मीद ने उन्हें पूरी तरह अंधा कर दिया. अंत में उनके पास कुछ भी नहीं बचा.

बैंक ने दी चेतावनी, फिर भी मनी ट्रांसफर

पुलिस ने बताया कि बैंक की ओर से कई बार संदिग्ध ट्रांजैक्शन को लेकर अलर्ट भेजे गए थे. बैंक ने लाभार्थी खातों की जांच करने की सलाह भी दी थी. इसके बावजूद पीड़ित लगातार पैसे ट्रांसफर करते रहे. बुज़ुर्ग ने इन चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया. यही लापरवाही इस साइबर फ्रॉड को और बड़ा बनाती चली गई.

परिवार को नहीं लगी भनक

हैरानी की बात यह रही कि पीड़ित ने इस निवेश के बारे में अपने परिवार को कुछ नहीं बताया. उनके बेटे और बहू दोनों पुणे की आईटी कंपनियों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं. तकनीकी पृष्ठभूमि होने के बावजूद परिवार को इस स्कैम की कोई जानकारी नहीं थी. जब सच्चाई सामने आई, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था. यह पहलू बताता है कि साइबर ठग कैसे बुज़ुर्गों को मानसिक रूप से अलग-थलग कर देते हैं.

26 मोबाइल नंबर, कई ट्रेडिंग ऐप

EOW के DCP के अनुसार, इस फ्रॉड को अंजाम देने के लिए कम से कम 26 मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया. इनमें इंटरनेट-आधारित वर्चुअल नंबर भी शामिल थे. इसके अलावा कई फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स के जरिए ठगी को अंजाम दिया गया. यह पूरा सिस्टम बेहद पेशेवर तरीके से तैयार किया गया था. यही वजह है कि यह केस पुणे साइबर पुलिस के लिए सबसे महंगा मामला बन गया.

पहले भी NBFC से 15.3 करोड़ की ठगी

पुलिस ने इस मामले में नौ आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है. इन्हीं आरोपियों को पहले एक अलग साइबर क्राइम केस में गिरफ्तार किया गया था. उस केस में आरोप है कि इन्होंने पुणे की एक NBFC से 15.3 करोड़ रुपये की ठगी की थी. इंटरनेट बैंकिंग क्रेडेंशियल्स का दुरुपयोग कर फर्जी बैंक स्टेटमेंट बनाए गए थे. पुलिस को शक है कि दोनों मामलों का नेटवर्क एक ही हो सकता है.

WhatsApp स्कैम का खतरनाक पैटर्न

पुलिस का कहना है कि यह कोई नया तरीका नहीं है, बल्कि WhatsApp लिंक स्कैम का दोहराया गया पैटर्न है. फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार शिकार एक 85 साल का बुज़ुर्ग बना. शेयर मार्केट में मोटे मुनाफे का लालच देकर ठग लगातार लोगों को निशाना बना रहे हैं. पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसे किसी भी लिंक या ग्रुप से दूर रहें. थोड़ा सा लालच जीवन भर की कमाई छीन सकता है.

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