नाशिक जिल्हाधिकारी कलेक्टर कार्यालय पर आदिवासी अधिकार राष्ट्रीय मंच के तहत संयुक्त किसान मोर्चा का आंदोलन

  • आदिवासी शेतकरी कामगार (मजदूर) संघटना कर्मचारियों ने कई मुद्दों को लेकर एकजुट होकर किया संघर्ष

नाशिक। महाराष्ट्र नाशिक में आज जिल्हाधिकारी(कलेक्टर)कार्यालय के क्षेत्र में सयुंक्त किसान मोर्चा के जरिए चक्का जाम हुवा हैं। चक्का जाम होने की वज़ह सयुंक्त किसान मोर्चा के तहत नाशिक से वाशीन्द तक लॉन्ग मार्च में केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार ने किसानो की मानी हुई मांगे क्रो पूरा नहीं किया। कुम्भकरण की नींद सोई हुई सरकार क़ो जगाने के लिए आज फिर से “आदिवासी शेतकरी कामगार(मजदूर)संघटना कर्मचारीयों ने कई मुद्दों से लेकर आदिवासी अधिकार राष्ट्रीय मंच के अध्यक्ष ने लोगों क़ो बड़ी संख्या में जमा होने का आह्वान किया था। ताकि सोई हुई सरकार की आँख जल्दी खुल सके।संयुक्त किसान मोर्चा ने किसानों-मजूदरों के कई मुद्दों के लेकर पक्का मोर्चा लगाया हुआ है।उन्होंने कहा कि आज जिस तरह का निजाम और प्रशासन सत्ता में बैठा है उसके लिए सभी संगठनों को एकजुट होते हुए लड़ने की जरूरत है।नाशिक महाराष्ट्र जनकल्याण टाइम न्यूज़ ग्राउंड रिपोर्ट में संयुक्त किसान मोर्चा के तहत पिछले साल निकले गए मोर्चा में सरकारने लोगों क़ो उनकी अपील की गई मांगो क़ो पूरा करने का आश्वासन दिया था। पर शिंदे सरकार ने लोगों क़ो झूठा आश्वासन देकर उनके समस्याओ का हल पूरा नहीं किया। इसलिए ग़रीब जनता को फिर से सड़को पर आना पड़ रहा हैं। इस मोर्चा के मुख्य उद्देश्य के विषय नाशिक से वाशीन्द तक लॉन्ग मार्च में मा. मुख्यमंत्री ने वन भूमि पर सख़्ती से अमल करने का लिखित आश्वासन दिया था।वन दावेदार किसानो की उनके हित की खेतीउपयुक्त भूमि कागजाद पर अलग-अलग नाम के साथ सभी क्षेत्र के किसानो के नाम का अलग-अलग सतबारा दस्तएवज़ दिया जाना चाहिए।.5 लाख सरकारी नौकरियों पर फर्जी आदिवासियों ने कब्जा कर लिया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार इन्हें खाली कराया जाना चाहिए। जिला परिषद शिक्षक, तलाठी, वन विभाग में पेसा भर्ती पर लगी रोक को हटाया जाए, और उन पदों पर चयनित आदिवासी युवाओं को नियुक्ति दी जाए। आदिवासी विकास विभाग आदिवासी शबरी घरकुल योजना का रूका हुआ क्रियान्वयन तत्काल प्रारंभ करें।चार श्रम संहिता को समाप्त करें। सभी श्रम कानून बहाल करें। किसानों का ऋण माफ करें और उनकी कृषि उपज की ‘किफायती गारंटी मूल्य पर 24 घंटे आपूर्ति प्रदान करें।नई पेशन योजना (एपीएस) समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करें।आशा, ग्राम पंचायत कर्मचारी, आगनबाड़ी कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी के रूप में मान्यता दी ‘जाए।इसलिए नाशिक जिला कलेक्टर कार्यालय पर ये महा. मोर्चा निकाला गया,निसर्ग पूजक आदिवासी एसोसिएशन, आदिवासी युवा रावण एम्पायर एसोसिएशन, महाराष्ट्र राज्य आदिवासी प्राथमिक शिक्षक एसोसिकिसान यूनियन एकता राज्य के अन्य संघटन द्वारा आज के कार्यक्रम की अध्यक्षता आदिवासी अधिकार राष्ट्रीय मंच राज्य अध्यक्ष जीवा पांडु गावीत,जिल्हा सेक्रेटरी किसान सभा कॉ. रमेश चौधरी,जिल्हा कार्य अध्यक्ष किसान सभा कॉ. सावक्वीराम ‘पवार,और अन्य किसान सभा के कार्य अध्यक्ष मौजूद रहें। किसान नेताओं ने कहा कि हम सब अलग-अलग संगठनों से हैं। हमारे संगठनों के कार्यक्रम अलग-अलग हो सकते हैं, ‘परंतु आज के दौर में हमारा सबका लक्ष्य एक है और वह लक्ष्य है किसानों, मजदूरों के मुद्दों को हल करवाने का। यह अयुक्त मोर्चा की एकहि एकार झूठा आश्वासन नहीं जलेया’नहीं चलेगा किसान नेताओं ने कहा कि आज जिस तरह का निजाम एवं प्रशासन सत्ता में बेठा है उसके लिए सभी संगठनों को एकजुट होकर लड़ने की जरुरत हैं।

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