
नवसारी महानगरपालिका (Navsari Municipal Corporation – NMC) के सामने पिछले कुछ वर्षों में जल, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं के वितरण को लेकर गंभीर चुनौतियाँ सामने आई हैं।
खासकर “हर-घर-जल” का वादा और महानगरपालिका बनने के बाद भी उसका पूरा लाभ आम जनता तक न पहुँच पाना—आज शहर में चर्चा, नाराज़गी और सवालों का केंद्र बना हुआ है।
यह रिपोर्ट केवल योजनाओं की सूची नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत, अधूरे वादों और नागरिक संघर्ष की पूरी तस्वीर सामने रखती है।
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💧 1) हर-घर-जल: वादा या कागज़ पर पूरा?
भारत सरकार की जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) योजना का उद्देश्य है—हर घर तक पाइपलाइन से स्वच्छ पेयजल पहुँचना।
गुजरात के कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में यह योजना सफल दिखाई देती है, लेकिन नवसारी महानगरपालिका की तस्वीर अलग है।
👉🏾 Parmar Hospital, नवसारी के सामने बने सर्कल (⭕) पर “हर घर जल ले” का संदेश आज एक प्रतीकात्मक विरोध बन चुका है।
👉🏾 18 जनवरी 2026, रात 9:50 बजे ली गई तस्वीर में इस सर्कल पर लगाया गया नल पूरी तरह सूखा दिखाई देता है—उसमें पानी की एक बूंद तक नहीं है।
👉🏾 यह तस्वीर किसी दावे या आरोप से ज़्यादा,
नवसारी महानगरपालिका की जमीनी सच्चाई का सीधा सबूत बनकर सामने आई है।
👉🏾 जिस नल से “हर-घर-जल” का संदेश दिया गया है,
उसी नल में पानी का न होना यह सवाल खड़ा करता है कि—
क्या यह योजना हकीकत है या सिर्फ़ काग़ज़ी वादा?
नागरिकों का साफ कहना है कि:
👉🏾 महापालिका बनने के बावजूद जल-वितरण और इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट में देरी हो रही है।
👉🏾 कई इलाकों में पाइपलाइन तो बिछी है, लेकिन नियमित और पर्याप्त पानी अब भी नहीं मिल रहा।
👉🏾 सरकारी स्तर पर कार्य प्रगति में है, लेकिन फर्श-तल तक इसका असर अभी पहुँचा नहीं है।
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🏛️ 2) नवसारी महानगरपालिका का गठन और विकास प्रोजेक्ट
1 जनवरी 2025 को नवसारी नगर पालिका से
नवसारी महानगरपालिका (NMC) का गठन हुआ।
इसके बाद कई विकास योजनाएँ शुरू हुईं, जिनमें सबसे बड़ी है:
💦 ₹112 करोड़ – वाटर + ड्रेनेज नेटवर्क प्रोजेक्ट
👉🏾 इसमें नई जल पाइपलाइन, ड्रेनेज, ओवरहेड टैंक, अंडरग्राउंड सूम्प, सीवेज पंप स्टेशन और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट शामिल हैं।
👉🏾 अनुमानित लाभार्थी: 25,000+ नागरिक
⌛ कार्य चरणबद्ध तरीके से चल रहा है।
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💰 3) बजट, खर्च और बची राशि (अनुमानित)
👉🏾 ₹112 करोड़ – मुख्य जल व ड्रेनेज प्रोजेक्ट
👉🏾 अन्य विकास कार्य: सड़क, लेक डेवलपमेंट, मार्केट अपग्रेडेशन
⚠️ अब तक हर-घर-जल योजना की खर्च/शेष राशि की स्पष्ट और सार्वजनिक रिपोर्ट उपलब्ध नहीं, जिससे सवाल उठ रहे हैं।
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🚧 4) क्या कार्य पूरा हुआ और क्या बाकी है?
✔️ प्रगति में:
जल व ड्रेनेज नेटवर्क
नए क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएँ
❌ अधूरा:
हर घर तक नियमित पानी
संपूर्ण ड्रेनेज व्यवस्था
स्वास्थ्य व स्वच्छता ढांचा
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🚨 5) जनता की नाराज़गी और डिजिटल न्यूज़ की ताकत
👉🏾 पानी की अनियमित सप्लाइ
👉🏾 ड्रेनेज से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएँ
👉🏾 सफाई और सुरक्षा पर लगातार शिकायतें
Parmar Hospital के सामने लगा सूखा नल,
जिसकी तस्वीर 18.01.2026, रात 9:50 बजे ली गई—
आज सोशल मीडिया और डिजिटल न्यूज़ के माध्यम से
👉🏾 पल-पल जनता तक पहुँच रही है।
👉🏾 अब सवाल दबाए नहीं जा सकते,
क्योंकि डिजिटल युग में सच्चाई तस्वीरों के साथ बोलती है।
📝 निष्कर्ष
👉🏾 योजनाएँ शुरू हुई हैं, यह सच है।
👉🏾 लेकिन 18 जनवरी 2026 की रात 9:50 बजे ली गई सूखे नल की तस्वीर
यह साफ दिखाती है कि—
“हर-घर-जल” अभी भी ज़मीनी हकीकत नहीं बन पाया है।
👉🏾 यह एक चलती हुई कहानी है,
और जनकल्याण टाइम्स न्यूज़
जनता की आवाज़ बनकर
👉🏾 हर अपडेट, हर सच्चाई
लगातार सामने लाता रहेगा।