
शेयर बाजार अपने ऑल टाइम हाई के करीब है। Nifty 50 ने हाल ही में नया रिकॉर्ड हाई बनाया है। ऐसे में अब कई बड़े शेयरों में मुनाफावसूली हो रही है। आज रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC Bank और ITC समेत कई शेयरों में गिरावट नजर आ रही है।
भारतीय शेयर बाजार में आज 06 जनवरी को लगातार दूसरे कारोबारी दिन जमकर बिकवाली हो रही है। आज के कारोबार में BSE Sensex करीब 480 अंक टूटकर 84,958.27 के स्तर तक लुढ़क गया। दूसरी तरफ Nifty 50 भी 109 अंकों की गिरावट के साथ 26141.05 तक आ गया। जियो पॉलिटिकल टेंशन के बीच निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं। इसके अलावा आज कुछ बड़े शेयरों में निवेशकों ने प्रॉफिट बुकिंग भी की। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर नेगेटिव असर डाला है। यहां हमने बाजार में गिरावट के 4 कारण बताए हैं।
बाजार में प्रॉफिट बुकिंग
शेयर बाजार अपने ऑल टाइम हाई के करीब है। Nifty 50 ने हाल ही में नया रिकॉर्ड हाई बनाया है। ऐसे में अब कई बड़े शेयरों में मुनाफावसूली हो रही है। आज रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC Bank और ITC समेत कई शेयरों में गिरावट नजर आ रही है। HDFC बैंक इंडेक्स में सबसे बड़ा शेयर है, जो कि करीब 2 प्रतिशत गिर गया। पिछले दो कारोबारी सत्रों में इसमें 4 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। इसकी वजह यह है कि Q3 FY26 के प्रोविजनल बिजनेस अपडेट के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।
टैरिफ की चिंता
टैरिफ को लेकर चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर भारत रूस से तेल खरीद कम नहीं करता है, तो अमेरिका भारत पर टैरिफ बढ़ा सकता है। ट्रंप के इस बयान से ट्रेड को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। ऐसे बयान बाजार में डर पैदा करते हैं, क्योंकि ज्यादा टैरिफ का मतलब होता है भारत के एक्सपोर्ट और कंपनियों की कमाई पर असर पड़ना।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी है। विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने सोमवार को करीब 36.25 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। जब विदेशी निवेशक बाजार से पैसा निकालते हैं, तो लिक्विडिटी कम होती है और निवेशकों का भरोसा भी कमजोर पड़ता है, जिसका सीधा असर बाजार पर दिखता है।
जियो-पॉलिटिकल टेंशन
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह की असामान्य और गंभीर घटनाएं बाजार में अनिश्चितता बढ़ाती हैं। ऐसे माहौल में निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और कैश पोजिशन ज्यादा रखना बेहतर होता है, ताकि अचानक आने वाले उतार-चढ़ाव का फायदा उठाया जा सके।