बच्चों की चोरी, फिर होता 5 लाख में सौदा… मुंबई में बच्चा चोर गिरोह का भंडाफोड़

मुंबई: बच्चा चोरी का एक बड़ा गिरोह मुंबई में काम कर रहा है। मुंबई में बच्चा खरीदकर इन्हें दूसरे लोगों को पांच लाख रुपये तक में बेचा जा रहा है। बांद्रा क्राइम ब्रांच की जांच में यह खुलासा हुआ है। डीसीपी राजतिलक रौशन के निर्देशन में सीनियर इंस्पेक्टर दया नायक की टीम ने पिछले 24 घंटे में मुंबई से लेकर वसई-विरार तक कई जगह छापे मारे। उसी में आठ आरोपी गिरफ्तार हुए।

इस केस का सुराग बांद्रा क्राइम ब्रांच को शकील मकरानी नामक आरोपी के पास एक-एक महीने व 22 दिन की बच्ची के मिलने से हुआ। शकील के पहले से दो बच्चे हैं। उससे जब लगभग इस दो महीने की बच्ची के बारे में पूछा गया, तो उसने बताया कि उसने इसे गोद लिया है। दया नायक के अनुसार, शकील के इस दावे पर हमें शक हुआ। इसके बाद उससे हुई सख्त पूछताछ में उसने बताया कि यह बच्ची उसने शब्बीर और सानिया नामक दंपती से ली है, जो अंधेरी के डी़एन नगर इलाके में रहते हैं। क्राइम ब्रांच की टीम फिर वहां गई, तो वहां शब्बीर की रिश्तेदार रूबीना खान से एक अलग ही कहानी पता चली। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने रूबीना को शिकायतकर्ता बनाया और डीएन नगर पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई।

जांच में पता चला कि शब्बीर और सानिया ड्रग्स के लती हैं और ड्रग्स के लिए रकम के वास्ते उन्होंने अपने दो बच्चे दो साल के अंदर क्रमश 60 हजार और 14 हजार रुपये में बेचे हैं। दोनों ने पूछताछ में बताया कि पहला बच्चा उन्होंने भायखला में किसी वैशाली नामक महिला को बेचा था। बांद्रा क्राइम ब्रांच की टीम ने इसके बाद वैशाली के यहां छापा मारा। वहां शब्बीर और सानिया का बच्चा तो नहीं मिला, लेकिन एक और बच्चा मिला। उसे वहां से रेस्क्यू कराया गया। वैशाली और शकील से पूछताछ में इस रैकेट से जुड़े कुछ और लोगों के नाम सामने आए। इनमें नालासोपारा का एक ऑटोरिक्शा वाला शफीक भी शामिल था। सभी को अरेस्ट किया। कुछ और लोगों की तलाश चल रही है।

तीन से पांच लाख रुपये दिए
क्राइम ब्रांच को पता चला है कि जिन लोगों को बच्चा चाहिए होता था, वह वैशाली, शफीक व कुछ अन्य लोगों से संपर्क करते थे। इन लोगों से एक-एक बच्चा लेने के बदले में कई लोगों ने तीन लाख रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक इन्हें दिए।

रिश्तेदार से करवाई एफआईआर
जिस रूबीना खान को मुंबई क्राइम ब्रांच ने शिकायतकर्ता बनाया है, उसने बताया कि शब्बीर और सानिया नामक दंपती काफी समय से नशे के लती हैं। शुरुआत में वे रूबीना खान के बांद्रा (पूर्व) भारत नगर वाले घर में रहे, लेकिन उनकी ड्रग्स की लत के कारण रूबीना अक्सर उनसे नाराज रहती थी, इसलिए वे वर्सोवा में सानिया की मां के पास चले गए। मां के निधन के बाद वे अपने बच्चों के साथ नालासोपारा चले गए। पैसे बचाने की तलाश में, वे कुछ दिन पहले वापस रूबीना के घर चले आए। जब वे रूबीना के घर पहुंचे, तो उसने उनसे उनके दो बच्चों के साथ में न होने की वजह पूछी, तो दोनों ने ड्रग्स खरीदने के लिए पैसे का इंतजाम करने के लिए अपने बच्चों को बेचने की बात स्वीकार की।

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