खुदपर भरोसा करने का हुनर सीख लो मेरे दोस्त…मशहूर कॉमेडियन बी आशीष का वायरल वीडियो

मुंबई। कहते हैं कि अगर मनुष्य को खुद पर भरोसा हो, उसकी इच्छाशक्ति दृढ़ हो, तो वह न केवल अपनी राह में आने वाली सभी बाधाओं को दूर कर लेता है, बल्कि दृढ़ विश्वास के बल पर हर वह सफलता हासिल कर लेता है, जो दूसरों को नहीं मिलती है। सफलता प्राप्त करने के लिए जरूरी है कर्मनिष्ठ साधना और ध्येय के प्रति निष्ठा, इनके बिना कोई भी सार्थक सृजन संभव नहीं। पर कोई काम शुरू करने से पहले उसकी दिशा तय करना बेहद जरूरी है। यह दिशा तय होती है विचारों से। ध्यान रहे कि विचारों की अपनी शक्ति होती है। विचार के प्रकाश में ही कर्म की यात्रा शुरू होती है और किसी सार्थक मुकाम तक पहुंचती है। लेकिन यह भी सही है कि बिना कर्म के विचार पंगु है। अपनी कमियों और गलतियों को जानें: इच्छानुरूप फल चाहिए, तो सबसे पहले अपनी गलतियों का पता लगाएं। यह देखें कि क्या कमी रह गई? इससे यह भरोसा भी जग सकता है कि हम अपने आप में सर्वसमर्थ शक्तिमान सत्ता हैं और अपना भविष्य खुद बना सकते हैं। पुरुषार्थी और आत्मबल संपन्न व्यक्ति कभी भाग्य के भरोसे बैठे नहीं रहते। वे जानते हैं कि कटा हुआ वृक्ष भी बढ़ता है। पनपता, फलता-फूलता है। क्षीण हुआ चंद्रमा भी पुन: बढ़कर पूरा होता है। खुद में ऋषि अष्टावक्र जैसा भरोसा जगाएं। वेदांत के ज्ञाता ऋषि अष्टावक्र का शरीर आठ स्थानों से टेढ़ा था। वे अपनी शारीरिक कमियां जानते थे, लेकिन खुद पर पूर्ण विश्वास होने पर उन्होंने विद्वानों की सभा को ‘मूर्खों का जमावड़ा’ तक कह डाला। यही नहीं, चर्चा में स्वयं को बाकी लोगों से श्रेष्ठ साबित किया।
“जैसा बोओगे, वैसा ही काटोगे – भाग्य से नहीं, कर्म से मिलती है सफलता।” जिन्दगी की राहें आसान नहीं है इसमें सुख है तो दुख भी, आनंद है तो चिन्ता भी अपनापन है तो परायापन भी। ईश्वरीय रचना यहीं है कि हर चीज के दो पहलू हैं एक के बिना दूसरा अकल्पनीय और अधूरा है। हम आज जो कुछ कर रहें हैं वह निष्फ़ल नही होता देर सबेर उसका फ़ल अवश्य मिलता है। विज्ञान भी कहता है कि हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है। फ़ल समय के अधीन होता है। आग में यदि हाथ डाला जाय तो हाथ तुरंत जल जाता है परन्तु एक वृक्ष का बीज आज बोया गया तो उसमें फ़ल आने में कई वर्ष लग जाएंगे पर फ़ल मिलेगा अवश्य। शुभ कर्म का फ़ल शुभ और अशुभ का अशुभ होना ही है।दरअसल जिंदगी में जो हमारे साथ होता है वो सिर्फ दस फीसदी है और बाकी 90 फीसदी जिंदगी वह है, जो हम खुद बनाते हैं। मशहूर साइकोलॉजिस्ट बैरी लुबेत्किन मानते हैं कि सब कुछ आपके खिलाफ हो सकता है। लेकिन आपका भरोसा तो अपने साथ रह सकता है। ऐसी ही पॉजिटिव बात आरएलजी प्रोडक्शन के बैनर तले इस वीडियो में मशहूर कॉमेडियन बी आशीष कर रहे हैं।

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