‘वक़्त वक़्त की बात होती है ये’ मुहावरा हम सबने सुना होगा। जी हाँ वक़्त का बहाव ही ज़िंदगी को नित-नई सूरतों से दो चार करता है। कभी सूरत ख़ुशगवार होती है और कभी तकलीफ़देह। हम सब वक़्त के पंजे में फंसे हुए हैं। तो आइए वक़्त को ज़रा कुछ और गहराई में उतर कर देखें और समझें। आरएलजी प्रोडक्शन के। बैनर तले बी आशीष द्वारा अभिनीत ये वीडियो वक़्त की एक गहरी व्याख्या करता है…