सियासी जीवन के अंतिम चरण में पिता’, सिद्धारमैया के बेटे के बयान से हलचल, देना पड़ा स्पष्टीकरण

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र के एक बयान से राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं। उन्होंने मंत्री सतीश जरकीहोली को प्रगतिशील सोच वाला नेता बताया। हालांकि, यतींद्र ने इसके बाद अपने बयान पर सफाई दी।

कर्नाटक की राजनीति में बुधवार को सियासी हलचल उस वक्त तेज हो गई जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे और कांग्रेस एमएलसी यतींद्र सिद्धारमैया ने कहा कि उनके पिता अपने राजनीतिक जीवन के अंतिम चरण में हैं। इसके साथ ही उन्होंने मंत्री सतीश जरकीहोली को एक प्रगतिशील विचारधारा वाला नेता बताया। यह बयान ऐसे समय आया जब राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें पहले से ही चल रही हैं।

यतींद्र ने पहले बेलगावी जिले के चिक्कोडी में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि मेरे पिता अब अपने राजनीतिक जीवन के अंतिम पड़ाव पर हैं। ऐसे समय में एक ऐसे नेता की जरूरत है जो प्रगतिशील सोच और विचारधारा के साथ लोगों का नेतृत्व करें। सतीश जरकीहोली ऐसे ही नेता हैं जो कांग्रेस की विचारधारा को आगे बढ़ा सकते हैं।

जरकीहोली की जमकर तारीफ की

उन्होंने आगे कहा कि जरकीहोली सिद्धांतों के प्रति ईमानदार हैं और ऐसे नेताओं की आज राजनीति में बड़ी कमी है। ऐसे में माना जा रहा है कि सिद्धारमैया खेमे की ओर से जरकीहोली को भविष्य में मुख्यमंत्री पद का संभावित दावेदार के रूप में प्रोजेक्ट किया जा रहा है।

कांग्रेस में ‘नवंबर क्रांति’ की चर्चा

कर्नाटक में पहले से यह चर्चा है कि नवंबर में जब कांग्रेस सरकार अपने पांच साल के कार्यकाल के आधे पड़ाव पर पहुंचेगी, तब मुख्यमंत्री पद में बदलाव हो सकता है। राजनीतिक हलकों में इसे ‘नवंबर क्रांति’ कहा जा रहा है। इस अटकल के बीच यतींद्र के बयान ने पार्टी के अंदर नई हलचल पैदा कर दी है। खासकर तब जब उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पहले से ही इस पद के प्रमुख दावेदार माने जाते हैं।

यतींद्र की सफाई और कांग्रेस की स्थिति

बयान पर बढ़ते विवाद के बाद यतींद्र ने मीडिया से बात करते हुए सफाई दी। उन्होंने कहा मेरे बयान का मतलब मुख्यमंत्री बदलने से नहीं था। मैंने सिर्फ यह कहा कि मेरे पिता ने पहले ही घोषणा की थी कि 2028 के बाद वे चुनाव नहीं लड़ेंगे। मैंने यह बात कही कि उनके बाद कांग्रेस की विचारधारा यानी सामाजिक न्याय और सेक्युलर सोच को आगे बढ़ाने वाला कोई मजबूत नेता होना चाहिए। बस इतना ही कहा था। उन्होंने साफ किया कि नेतृत्व परिवर्तन पर पार्टी में कोई चर्चा नहीं हुई है। पार्टी के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी कहा कि मुख्यमंत्री बदलाव की कोई बात नहीं हो रही है। बाकी सब केवल अटकलें हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *