कमाठीपुरा की बदलेगी सूरत

  • पुनर्विकास का रास्ता साफ
  • म्हाडा ने शुरू किया बायोमेट्रिक सर्वेक्षण

मुंबई। दक्षिण मुंबई के कमाठीपुरा का पुनर्विकास अब साकार होने की ओर बढ़ रहा है। लंबे समय से अटकी निविदा प्रक्रिया में दो कंपनियों—जे. कुमार इन्फ्राप्रोजेक्ट लिमिटेड और AATK कंस्ट्रक्शन—ने निविदा दाखिल की है। म्हाडा की मुंबई इमारत दुरुस्ती एवं पुनर्रचना मंडल जल्द ही आर्थिक निविदा खोलेगा, जिसके बाद तय होगा कि प्रकल्प किस कंपनी को मिलेगा। निविदा प्रक्रिया शुरू होने के बाद पुनर्विकास के काम में तेजी आने की उम्मीद है।

बायोमेट्रिक सर्वेक्षण से सही आंकड़े
निर्माण कार्य से पहले मंडल ने कमाठीपुरा के रहिवाशों का बायोमेट्रिक सर्वेक्षण शुरू किया है। यह कार्य क्षितिज क्रिएशन कंपनी द्वारा किया जा रहा है। सर्वेक्षण से यह पता चलेगा कि क्षेत्र में कितने घर, निवासी और अनिवासी गाले (दुकानें) हैं। पुनर्विकास के तहत रहिवाशों को 500 वर्गफुट के घर और अनिवासी रहिवाशों को 225 वर्गफुट का गाला मिलेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि पुनर्वसन योजना में सभी शामिल हों और सही तरीके से लाभ प्राप्त करें।

पुनर्विकास का स्वरूप और बदलाव
कमाठीपुरा में कुल 34 एकड़ क्षेत्र में 475 उपकरप्राप्त और 163 गैर-उपकरप्राप्त इमारतें हैं, जिनमें कई जर्जर हो चुकी हैं। पुनर्विकास योजना के तहत 8,001 रहिवाशों और 800 जमीन मालिकों का पुनर्वसन किया जाएगा। नई इमारतें 57 मंजिला होंगी, जबकि बिक्री के लिए 78 मंजिला टॉवर बनने की संभावना है। इससे कमाठीपुरा का पुराना स्वरूप बदलकर एक आधुनिक और सुरक्षित क्षेत्र तैयार होगा।

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