केदारनाथ हेलीकॉप्टर दुर्घटना



उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम के पास गौरीकुंड और त्रिजुगीनारायण के बीच 15 जून 2025 को सुबह करीब 5:20 बजे एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना हुई। यह हेलीकॉप्टर आर्यन एविएशन कंपनी का था और केदारनाथ से गुप्तकाशी की ओर जा रहा था। हेलीकॉप्टर में पायलट सहित कुल 7 लोग सवार थे, जिनमें एक 2 साल का बच्चा भी शामिल था। खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण यह हादसा हुआ, जिसमें सभी 7 लोगों की मृत्यु हो गई। मृतकों में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और पायलट राजवीर सिंह चौहान (जयपुर, राजस्थान) शामिल थे।
बचाव कार्य:
हादसे की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। घटनास्थल दुर्गम जंगल क्षेत्र होने के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण रहा। शवों को बरामद कर सड़क तक लाया गया, और आग में झुलसने के कारण शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट की आवश्यकता पड़ी।
सरकारी प्रतिक्रिया:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और सोशल मीडिया पर राहत कार्यों की जानकारी दी।
हादसे के बाद चारधाम यात्रा की सभी हेलीकॉप्टर सेवाओं को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने तकनीकी समिति गठित करने और हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने के निर्देश दिए।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (UCADA) ने जांच शुरू की, और हादसे की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) करेगा।
पृष्ठभूमि:
यह इस यात्रा सीजन में केदारनाथ मार्ग पर तीसरी हेलीकॉप्टर घटना थी। इससे पहले 7 जून 2025 को एक हेलीकॉप्टर को तकनीकी खराबी के कारण आपात लैंडिंग करनी पड़ी थी, और 8 मई 2025 को उत्तरकाशी में एक अन्य हेलीकॉप्टर दुर्घटना में 6 लोगों की मृत्यु हुई थी। पिछले 12 वर्षों में केदारनाथ मार्ग पर 14 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 33 लोगों की जान जा चुकी है।

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