हरे निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार; सेंसेक्स 455 अंक चढ़ने में सफल, निफ्टी 25000 के पार

Sensex Closing Bell: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स में 455 अंक की बढ़त दर्ज की गई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 455.37 अंक या 0.56 प्रतिशत उछलकर 82,176.45 अंक पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी 148 अंक या 0.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,001.15 पर आ गया।

घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक सोमवार को हरे निशान पर बंद हुए। भारतीय के दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की खबर के बाद भारतीय शेयर में तेजी देखी गई। साथ ही, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से यूरोपीय संघ पर लगे 50 प्रतिशत टैरिफ को 9 जुलाई तक टालने जैसे सकारात्मक रुख ने भी बाजार पर असर डाला। इसके बाद ऑटो और आईटी के शेयरों में उछाल आया।

30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 455.37 अंक या 0.56 प्रतिशत उछलकर 82,176.45 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 771.16 अंक या 0.94 प्रतिशत उछलकर 82,492.24 अंक पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी 148 अंक या 0.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,001.15 पर आ गया। यह 16 मई के बाद से अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है।

सेंसेक्स कंपनियों का कैसा रहा हाल?

सेंसेक्स के शेयरों में प्रमुख ट्रैक्टर और ऑटो निर्माता महिंद्रा एंड महिंद्रा में सबसे ज्यादा 2.17 फीसदी की तेजी आई। एचसीएल टेक, टाटा मोटर्स, नेस्ले, आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, लार्सन एंड टूब्रो और टेक महिंद्रा सबसे ज्यादा लाभ में रहे। वहीं इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, पावर ग्रिड, टाटा स्टील और कोटक महिंद्रा बैंक पिछड़ गए। इटरनल में सबसे ज्यादा 4.51 फीसदी की गिरावट आई।

भारतीय बाजारों में यह उछाल कई कारणों की वजह से देखा गया। चौथी अर्थव्यवस्था बनने के अलावा भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2025 के लिए सरकार को रिकॉर्ड 2.69 लाख करोड़ रुपये का लाभांश देने की घोषणा की। यह 2023-24 की तुलना में 27% अधिक है। इससे भारत को अमेरिकी टैरिफ से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने और पाकिस्तान के साथ संघर्ष के कारण रक्षा पर खर्च बढ़ाने में मदद मिलेगी।

अमेरिका के यूरोपीय संघ के साथ अस्थायी टैरिफ समझौते के साथ-साथ डॉलर सूचकांक में गिरावट ने घरेलू बाजारों को लाभ दिया। इनसे पता चलता है कि व्यापार वार्ता रचनात्मक रूप से आगे बढ़ रही है, जिससे बाजार में अस्थिरता को कम करने में मदद मिल सकती है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून का भी भारतीय बाजारों पर पड़ा असर

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध विश्लेषक विनोद नायर ने कहा, इन सबके अतिरिक्त दक्षिण-पश्चिम मानसून के समय से पहले आने और घरेलू बॉन्ड में गिरावट का असर पड़ा है। इसने निवेशकों को जोखिमपूर्ण परिसंपत्तियों पर अपना ध्यान केंद्रित रखने के लिए प्रोत्साहित किया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने शनिवार को केरल में दस्तक दे दी है। 2009 के बाद से भारतीय मुख्य भूमि पर इसका सबसे जल्दी आगमन है। 2009 में 23 मई को मानसून दक्षिणी राज्य में पहुंचा था।

शुक्रवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुई

एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई 225 सूचकांक सकारात्मक दायरे में बंद हुए, जबकि शंघाई का एसएसई कम्पोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ बंद हुए। मध्य सत्र में यूरोप के बाजार बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.17 प्रतिशत बढ़कर 64.89 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 1,794.59 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी खरीदी। शुक्रवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 769.09 अंक या 0.95 प्रतिशत बढ़कर 81,721.08 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 243.45 अंक या 0.99 प्रतिशत बढ़कर 24,853.15 अंक पर बंद हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *