विनोद कांबली, जो एक समय भारतीय क्रिकेट के चमकते सितारे थे, आज स्वास्थ्य और आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनकी इस मुश्किल घड़ी में पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने उनकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया है।

राजेश लक्ष्मण गावड़े

मुख्य संपादक (जन कल्याण टाइम)

गावस्कर ने अपनी CHAMPS फाउंडेशन के माध्यम से कांबली को आर्थिक और चिकित्सीय सहायता प्रदान करने का वादा किया था, जिसे उन्होंने अब पूरा किया है। नीचे इस सहायता का विस्तृत विवरण क्रमांक (serial number) के साथ दिया गया है:
मासिक आर्थिक सहायता (30,000 रुपये प्रति माह)
सुनील गावस्कर की CHAMPS फाउंडेशन, जो 1999 में स्थापित की गई थी, विनोद कांबली को उनके पूरे जीवनकाल के लिए हर महीने 30,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।
यह सहायता 1 अप्रैल, 2025 से शुरू हो चुकी है।
इस मासिक राशि का उद्देश्य कांबली की आर्थिक तंगी को कम करना और उनके दैनिक जीवन के खर्चों को वहन करने में मदद करना है।
यह राशि कांबली को तब तक मिलती रहेगी, जब तक वे जीवित हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में स्थिरता आएगी।
वार्षिक चिकित्सा सहायता (30,000 रुपये प्रति वर्ष)
मासिक सहायता के अलावा, CHAMPS फाउंडेशन कांबली को उनके चिकित्सा खर्चों के लिए हर साल 30,000 रुपये की अतिरिक्त राशि प्रदान करेगी।
यह राशि विशेष रूप से कांबली के स्वास्थ्य संबंधी खर्चों, जैसे दवाइयाँ, डॉक्टर की फीस, और अन्य चिकित्सा जरूरतों को पूरा करने के लिए दी जाएगी।
कांबली की हाल की स्वास्थ्य समस्याओं, जैसे मूत्राशय感染ण (urinary infection), हृदय संबंधी समस्याएँ, और 2013 में हुई दो हृदय सर्जरी को ध्यान में रखते हुए, यह सहायता उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कुल वार्षिक सहायता का अनुमान
मासिक 30,000 रुपये की सहायता को सालाना आधार पर जोड़ा जाए, तो यह 30,000 × 12 = 3,60,000 रुपये होता है।
इसके अतिरिक्त, चिकित्सा के लिए 30,000 रुपये वार्षिक सहायता को जोड़ने पर कुल राशि 3,60,000 + 30,000 = 3,90,000 रुपये प्रति वर्ष हो जाती है।
इस तरह, गावस्कर की फाउंडेशन द्वारा कांबली को हर साल लगभग 3.9 लाख रुपये की सहायता मिलेगी।
BCCI पेंशन के साथ संयुक्त प्रभाव
विनोद कांबली को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से भी 30,000 रुपये की मासिक पेंशन मिलती है, जो उनके 17 टेस्ट और 104 वनडे मैच खेलने के आधार पर दी जाती है।
गावस्कर की फाउंडेशन से मिलने वाली 30,000 रुपये की मासिक सहायता के साथ, कांबली की कुल मासिक आय अब 30,000 (BCCI) + 30,000 (CHAMPS) = 60,000 रुपये हो जाएगी।
इस तरह, उनकी मासिक आय दोगुनी हो गई है, जो उनकी आर्थिक स्थिति को और मजबूत करेगी।
सहायता की पृष्ठभूमि और गावस्कर का वादा
दिसंबर 2024 में, कांबली की खराब स्वास्थ्य स्थिति और आर्थिक तंगी सुर्खियों में आई थी, जब वे मुंबई के शिवाजी पार्क में अपने कोच रमाकांत आचरेकर के स्मारक उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे। इस दौरान उनकी कमजोर हालत देखकर गावस्कर ने उनकी मदद करने का वादा किया।
जनवरी 2025 में, गावस्कर और कांबली की मुलाकात वानखेड़े स्टेडियम में स्टेडियम की 50वीं वर्षगाँठ समारोह के दौरान हुई। इस मुलाकात के बाद, गावस्कर ने कांबली के दो डॉक्टरों, डॉ. शैलेश ठाकुर और एक अन्य चिकित्सक, से उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी ली।
इसके बाद, गावस्कर ने अपनी CHAMPS फाउंडेशन को तत्काल आर्थिक और चिकित्सा सहायता शुरू करने का निर्देश दिया।
CHAMPS फाउंडेशन का उद्देश्य
CHAMPS फाउंडेशन (Champions of Sports) की स्थापना 1999 में सुनील गावस्कर ने की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक और स्वास्थ्य संकट से जूझ रहे पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की मदद करना है।
कांबली से पहले, इस फाउंडेशन ने दिग्गज ऑलराउंडर सलीम दुर्रानी को भी मासिक सहायता प्रदान की थी।
फाउंडेशन के ट्रस्टी में गावस्कर, उनकी पत्नी मार्शनील, और उनके साले जी.आर. शामिल हैं।
कांबली की वर्तमान स्थिति और अन्य सहायता
कांबली को हाल के वर्षों में कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा है, जिसमें मूत्राशय संक्रमण, हृदय संबंधी समस्याएँ, और मस्तिष्क में रक्त के थक्के शामिल हैं।
2013 में उनकी दो हृदय सर्जरी हुई थीं, जिनका खर्च उनके बचपन के दोस्त सचिन तेंदुलकर ने उठाया था।
हाल ही में, एक राजनीतिक पार्टी ने कांबली को 5 लाख रुपये की सहायता प्रदान की थी।
हालांकि, कांबली की पत्नी एंड्रिया ह्यूविट ने खुलासा किया कि उनके घर के रखरखाव (maintenance fees) के लिए 18 लाख रुपये का बकाया है, जिसके कारण उनका घर खोने का खतरा बना हुआ है।
कांबली की पत्नी और पारिवारिक स्थिति
कांबली की पत्नी एंड्रिया ह्यूविट ने उनकी बीमारी के दौरान उनका साथ दिया है। जनवरी 2025 में, उन्होंने बताया कि उन्होंने 2023 में तलाक के लिए आवेदन किया था, लेकिन कांबली की असहाय स्थिति को देखते हुए उन्होंने यह फैसला वापस ले लिया।
एंड्रिया ने एक पॉडकास्ट में कहा, “वह एक बच्चे की तरह हैं। अगर मैं उन्हें छोड़ दूँ, तो वे असहाय हो जाएँगे। मुझे उनकी चिंता होती है कि क्या उन्होंने खाना खाया, क्या वे ठीक हैं।”
एंड्रिया ने गावस्कर की इस सहायता के लिए उनका आभार व्यक्त किया है।
सामाजिक और क्रिकेट समुदाय की प्रतिक्रिया
गावस्कर के इस कदम की क्रिकेट प्रशंसकों और समुदाय ने व्यापक रूप से सराहना की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट्स में इसे “महान कार्य” और “दोस्ती का सच्चा रंग” बताया गया है।
यह सहायता न केवल कांबली के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि क्रिकेट समुदाय अपने पूर्व खिलाड़ियों की कितनी फिक्र करता है।
कांबली का क्रिकेट करियर और वर्तमान चुनौतियाँ
विनोद कांबली ने 1991 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे में डेब्यू किया था और 1993 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था।
उन्होंने 17 टेस्ट में 1084 रन (औसत 54.2, 4 शतक, 3 अर्धशतक) और 104 वनडे में 2477 रन (औसत 32.59, 2 शतक, 14 अर्धशतक) बनाए।
उनके करियर की खास बात दो लगातार टेस्ट डबल सेंचुरी (224 बनाम इंग्लैंड, 227 बनाम जिम्बाब्वे) थी।
हालांकि, रिटायरमेंट के बाद वे नशे और शराब की लत में फंस गए, जिसके कारण उनकी जिंदगी मुश्किलों से भर गई। वे 14 बार रिहैब जा चुके हैं।
निष्कर्ष:
सुनील गावस्कर की CHAMPS फाउंडेशन के माध्यम से दी जा रही यह सहायता विनोद कांबली के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है। 30,000 रुपये की मासिक सहायता और 30,000 रुपये की वार्षिक चिकित्सा सहायता से उनकी आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ कुछ हद तक कम होंगी। गावस्कर का यह कदम न केवल उनकी उदारता को दर्शाता है, बल्कि क्रिकेट बिरादरी में एकजुटता और सहानुभूति का भी प्रतीक है। कांबली, जो कभी अपने आक्रामक बल्लेबाजी से मैदान पर आग लगाते थे, अब इस सहायता से अपनी जिंदगी को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश कर सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *