मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बैठक में 15 परियोजनाओं की समीक्षा की ,परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने को प्राथमिकता दें• मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

पी.वी.आनंदपद्मनाभन
मुंबई,

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज वॉर रूम बैठक में पिछली बैठकों में समीक्षा किए गए 18 परियोजनाओं और नई 15 महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं राज्य के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं और इनका काम तय समयसीमा के अनुसार पूरा होना चाहिए।

यह बैठक मंत्रालय के मंत्रिमंडल कक्ष में आयोजित की गई थी, जिसमें मुख्य सचिव सुजाता सौनिक, मुख्यमंत्री के मुख्य आर्थिक सलाहकार प्रविण परदेशी, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव उपस्थित थे। साथ ही, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभागीय आयुक्त, जिलाधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी भी जुड़े हुए थे।

आज की वॉर रूम बैठक में मुंबई, विदर्भ, मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र की विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इनमें शामिल हैं:

मुंबई मेट्रो लाइन 2बी (डीएन नगर से मंडाले)

मेट्रो लाइन 4 (वडाला से कासारवडवली)

मेट्रो लाइन 5 (ठाणे-भिवंडी-कल्याण)

मेट्रो लाइन 6 (स्वामी समर्थ नगर से विक्रोली)

मेट्रो लाइन 7ए (अंधेरी से छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा टर्मिनल 2)

मेट्रो लाइन 9 (दहिसर (पूर्व) से मीरा-भायंदर)

ऑरेंज गेट से मरीन ड्राइव सुरंग परियोजना

बोरिवली से ठाणे जुड़वा सुरंग परियोजना

उत्तन-विरार सी लिंक

शिवड़ी-वरळी एलिवेटेड कॉरिडोर

पुणे मेट्रो

दहिसर से भायंदर लिंक रोड

गोरेगांव-मगाठाणे डीपी रोड

गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड

उत्तरी तटीय मार्ग

बैठक में इन परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और सामने आ रही समस्याओं पर चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस ने कहा कि विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए उनका सूक्ष्म नियोजन किया जाना चाहिए। संबंधित विभागों को अपने स्तर पर आवश्यक बैठकें लेकर कार्य में आ रही बाधाओं को दूर करना चाहिए ताकि ये परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में (Time Bound) पूरी की जा सकें। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज किया जाना चाहिए ताकि विकास कार्यों के लिए भूमि उपलब्ध कराई जा सके। जहां वन एवं पर्यावरण संबंधी मंजूरी आवश्यक हो, वहां वह तुरंत ली जाए। आवश्यकता अनुसार ज़ोनल मास्टर प्लान भी तैयार किया जाए। धारावी जैसे प्रोजेक्ट के लिए अत्याधुनिक तकनीक से सटीक सर्वेक्षण किया जाए।

विदर्भ और मराठवाड़ा को जोड़ने वाली वर्धा-नांदेड रेलवे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का मुद्दा सुलझाया जाए। वर्धा-गडचिरोली रेलवे लाइन के लिए निजी भूमि की खरीद प्रक्रिया 7 दिनों में पूरी की जाए। वाधवन बंदरगाह परियोजना, जो समुद्री परिवहन के लिए महत्वपूर्ण है, के लिए वन भूमि से संबंधित मुद्दों को सुलझाकर शीघ्र निर्णय लिया जाए। यह परियोजना राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। इसीलिए, इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए भी त्वरित निर्णय लेने के निर्देश दिए गए।

मुंबई और पुणे मेट्रो परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि के अधिग्रहण को प्राथमिकता दी जाए। जहाँ जरूरत हो वहाँ तुरंत भूमि अधिग्रहण किया जाए। छत्रपति संभाजीनगर समानांतर शहर जल आपूर्ति योजना में तकनीकी अड़चनें दूर करके तत्काल कार्य शुरू किया जाए। मगाठाणे से गोरेगांव डीपी रोड के लिए मुंबई महानगरपालिका को भूमि अधिग्रहण करना चाहिए और इस मार्ग के लिए आवश्यक वन्यजीव स्वीकृति तत्काल दी जानी चाहिए। साथ ही, एमएमआरडीए को परियोजना प्रभावितों के लिए बने फ्लैट बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) को हस्तांतरित करने के निर्देश भी दिए।

पिछली वॉर रूम बैठक में मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस ने लगभग 18 परियोजनाओं की समीक्षा की थी। उस समय 73 समस्याओं पर चर्चा हुई थी, जिनमें से 31 समस्याओं का समाधान हो चुका है और शेष समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया जारी है। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के कार्यान्वयन की भी समीक्षा की और जिन निर्देशों पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है, उन पर तत्काल निर्णय और कार्यवाही के आदेश दिए।

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