मुंबई. शिवसेना और एनसीपी विधायकों की अयोग्यता मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी। इस मामले में शिवसेना के सभी दस्तावेज पूरे थे, लेकिन एनसीपी (अजित पवार) के दस्तावेज पूरे नहीं हैं। लिहाजा एनसीपी (अजित पवार) के वकीलों ने दस्तावेज पूरे करने के लिए समय बढ़ाने की मांग की, जिसके बाद अदालत ने सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दी। इस मामले में 21 अगस्त को फिर सुनवाई हो सकती है। इससे पहले मंगलवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (सीजेआई) ने शिवसेना (उद्धव गुट) औरा एनसीपी अजीत पवार के वकीलों को फटकार भी लगाई।
विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार) के विधायकों को अयोग्य घोषित नहीं किया। जिसके बाद उद्धव गुट और शरद पवार गुट सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। उनकी ओर से एकनाथ शिंदे और अजित पवार के साथ गए विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग वाली याचिका कोर्ट में दायर की गई थी, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हुई।
अजित गुट को दो हफ्ते का वक्त
सुबह एनसीपी अजित पवार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कौल ने अपनी पार्टी की ओर से अदालत के समक्ष अपना जवाब दाखिल करने के लिए से और अधिक समय की मांग की थी। इस अनुरोध के बाद चीफ जस्टिस (सीजेआई) ने जवाब दाखिल करने का समय 2 हफ्ते बढ़ा दिया गया है। सीजेआई ने कहा, ”हम आपको अगले गुरुवार तक का समय दे रहे हैं। आप अगले गुरुवार तक दस्तावेज जमा कर दें। अजित पवार की पार्टी को ये डेडलाइन देने का समय आ गया है इसलिए इस मामले की सुनवाई सितंबर की शुरुआत में होने की संभावना है।”
ठाकरे समूह ने अजित पवार के वकीलों को आड़े हाथों लिया
कोर्ट में सुनवाई के दौरान शिवसेना ठाकरे गुट के वकील और चीफ जस्टिस के बीच बहस हो गई। ठाकरे समूह की ओर से एक वकील ने कोर्ट से अनुरोध किया कि मामले में काफी देर हो चुकी है, इसलिए कृपया जल्दी तारीख दें। इस पर कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाते हुए कहा कि आप हमारी जगह आकर बैठ जाएं और खुद फैसला करें।
सुनवाई में क्या हुआ?
इस दौरान सीजेआई ने अजित गुट के वकील को भी कड़े शब्दों में हिदायत देते हुए पूछा की आपका मुख्य वकील कौन है? इस पर अजित गुट के वकीलों ने अभी तक अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि वे शुक्रवार तक मुख्य वकील की नियुक्ति कर देंगे। बाद में सीजेआई ने कहा कि दो सप्ताह में मुख्य वकील को तैयारी पूरी कर लेनी चाहिए। इस पर नाराजगी जताते हुए नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने अजित के वकीलों को फटकार लगाते हुए कहा कि आप हमें आदेश न दें, हम अगले हफ्ते गुरुवार तक का समय दे रहे हैं।