ऐप के माध्यम से करोड़ों का चुना लगाने वाली कोचिंग टीचर गिरफ्तार, 700 से अधिक लोग हुए ठगी के शिकार

मुंबई: मुंबई में कोचिंग क्लासेस के सहारे बच्चों के अभिभावकों को फंसाने और उनके साथ ठगी करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि पहले महिला आरोपी ने कोचिंग क्लासेस के सहारे बच्चों के अभिभावकों का विश्वास हासिल कर उन्हें एक एप के माध्यम से निवेश करने पर अधिक मुनाफे का लालच दिया। इस मामले में शिकायत के बाद ठगी करने वाली महिला को नवघर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार कोचिंग टीचर का नाम मोनिका भौमिक है और वह भायंदर पूर्व के इंद्रलोक फेस 6 में वेदांत कोचिंग क्लासेस चलाती है। इस ठगी के तार और भी लोगों से जुड़े होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। ठगी के शिकार हुए ट्यूशन पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों द्वारा विधायक गीता जैन से मदद की गुहार लगाने पर उनकी पहल से नवघर पुलिस थाने में विभिन्न धाराओं के तहत टीचर मोनिका भौमिक और उसके सहयोगी मितुल कलावाड़िया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
बीएमसी में सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत शिकायतकर्ता महेश मेघजी चावड़ा ने पुलिस को बताया है कि उनके बच्चे पिछले 3 वर्षों से मोनिका के वेदांत कोचिंग क्लासेस में ट्यूशन पढ़ रहे थे। इस दौरान उनसे अच्छी जान पहचान हो गई थी। मोनिका ने उन्हे ” डीए डाटामीर ए आई ” नामक कंपनी में निवेश करने पर अच्छे मुनाफा का लालच दिया।

अच्छे मुनाफा का लालच
इस कंपनी में सदस्य बनने के लिए मोबाइल पर लिंक भेजकर उसमे महेश के पूरे विवरण भरे और उसके बैंक खाते से उस कंपनी का केवाईसी करा दिया। शुरू शुरू में एक हजार के निवेश करने पर महेश को 10 दिन में निवेश की रकम 1 हजार के अतिरिक्त 430 रुपए अतिरिक्त मुनाफा मिला। जिससे उत्साहित महेश ने कंपनी के अलग-अलग प्लान में कुल 5 लाख 22 हजार रुपए निवेश किए।

जिसमें से उसे 1 लाख 78 हजार रुपए उसके बैंक खाते में वापस मिले, लेकिन जब बाकी के 3 लाख 2 हजार 360 रुपए नहीं मिले तो महेश ने मोनिका टीचर से अपने निवेश की रकम वापस मांगना शुरू किया। जब मोनिका संतोषप्रद उत्तर नही देकर आनाकानी करने लगी तब महेश को ठगे जाने का एहसास हुआ और उसने नवघर पुलिस थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई। उसका आरोप है की मोनिका टीचर ने इसी तरह से करीब 700 से अधिक लोगों से करोड़ो रुपए की ठगी की है।

विधायक गीता भरत जैन कहा
मीरा-भायंदर के विधायक गीता भरत जैन कहा कि कोई भी ऐसी कंपनी या एप नहीं है जो 8 से 10 दिन में निवेश की रकम को दोगुना कर दे। लोगों को ऐसे फ्रॉड से बचना और लालच में नहीं आना चाहिए। मैं कोशिश करूंगी की जिनके साथ जालसाजी हुई है। कम से कम उनके द्वारा निवेश की गई पूरी रकम पुलिस द्वारा रिकवर कर उन्हें वापस मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *