नई दिल्ली: संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने आज घोषणा की है कि वह न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी और कृषि ऋण माफी सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर आंदोलन फिर से शुरू करेगा। इसके साथ ही SKM ने यह भी कहा कि वह अपनी मांगों को लेकर वह प्रधानमंत्री और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को एक ज्ञापन भी सौंपेगा।
साल 2020-21 के किसान आंदोलन का नेतृत्व करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा ने बीते बुधवार को अपनी आम सभा की बैठक के बाद आज यह घोषणा की। इस बाबत SKM ने कहा, “आम सभा ने भारत सरकार के कृषि विभाग के सचिव द्वारा हस्ताक्षरित एसकेएम के साथ केंद्र सरकार के नौ दिसंबर 2021 के समझौते को लागू करने और किसानों की आजीविका को प्रभावित करने वाली अन्य प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन फिर से शुरू करने का फैसला किया है।”
संयुक्त किसान मोर्चा ने आज यह भी कहा कि संगठन सभी सांसदों को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन और मांग पत्र सौंपेगा। उसने कहा कि वह अपने मांग पत्र के समर्थन में देशभर में प्रदर्शन कर आगामी नौ अगस्त की तारीख को ‘भारत छोड़ो दिवस’ की जगह ‘कॉरपोरेट भारत छोड़ो दिवस’ के रूप में मनाएगा।
जानकारी दें कि कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पनी ‘‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’’ के समय कहा था कि यदि आगामी लोकसभा चुनाव के बाद विपक्षी दलों का गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) सत्ता में आता है तो उनकी पार्टी देश में किसानों की लंबे समय से लंबित मांगों को जरुर स्वीकार करेगी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सुनिश्चित भी करेगी।
इतना ही नही राहुल ने किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए यह दावा भी किया था कि, ‘‘किसानों को उनकी फसलों का सही दाम नहीं मिल रहा है। ऐसे में केंद्र की सत्ता में आने के बाद कांग्रेस एमएसपी को कानूनी गारंटी जरुर देगी। उन्होंने कहा था कि, ‘‘जब भी किसानों ने कांग्रेस से कुछ मांगा हैं, उन्हें दिया गया है। चाहे कर्ज माफी हो या फिर एमएसपी, कांग्रेस ने हमेशा किसानों के हितों की रक्षा की है और आगे भी हमेशा ऐसा ही करती करेगी।’’
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