मनी ट्रेल में सिसोदिया की भूमिका नहीं तो आरोपी क्यों… ईडी से पूछा

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति घोटाले के मामले में आप नेता मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर गुरुवार को सुनवाई के दौरान ईडी को फटकार लगाई। कोर्ट ने ईडी से पूछा कि मनी ट्रेल में सिसोदिया की भूमिका नहीं है तो मनी लॉन्ड्रिंग में उन्हें आरोपियों में शामिल क्यों किया? जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी की पीठ ने ईडी से कहा कि आपकी दलीलें अनुमान पर आधारित हैं, जबकि यह सबूतों पर होनी चाहिए।

पीठ ने ईडी से सवाल किया कि सरकारी गवाह बने कारोबारी दिनेश अरोड़ा के बयान के अलावा सिसोदिया के खिलाफ सबूत कहां हैं? सिसोदिया को अगर पैसे मिले तो किसने दिए और उन तक कैसे पहुंचे? पैसे देने वाले बहुत सारे लोग हो सकते हैं। जरूरी नहीं कि यह शराब से जुड़ा हो। इन सबके सबूत कहां हैं? कोर्ट ने कहा कि केस में सब कुछ सबूत के आधार पर होना चाहिए, वरना केस दो मिनट में गिर जाएगा। ईडी ने कहा कि सिसोदिया आबकारी नीति बनाने में शामिल थे, इसलिए मामले में आरोपी है। कोर्ट सिसोदिया की जमानत याचिका पर अब 12 अक्टूबर को सुनवाई करेगा।

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