नई दिल्ली: देश में UGC-NET का पेपर एग्जाम के अगले दिन ही कैंसल कर दिया गया। जिसके बाद छात्रों को इस सवाल का कोई जवाब नहीं मिल पा रहा था कि ऐसा क्यों किया गया। इस मामले की जांच की जिम्मेदारी CBI को सौंपी गई। जिसमें खुलासा करते हुए सीबीआई ने बताया कि परीक्षा के एक दिन पहले ही पेपर डार्क नेट पर अपलोड कर दिया गया था।
CBI ने बताया कि पश्न पत्र को एंक्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाला गया था। उसे लगातार टेलिग्राम के माध्यम से शेयर किया जा रहा था। जिसकी वजह से पेपर को कैंसल करना पड़ा । सीबीआई अभी भी इस मामले से जुड़े डिटेल्स को खंगाल रही है। साथ ही एनटीए से भी लगातार पूछताछ जारी है। देश में चल रहे नीट पेपर लीक मामला के बीच यूजीसी-नेट एग्जाम लिया गया। परीक्षा लेने के एक दिन बाद ही पेपर को कैंसल कर दिया गया। जिसके बाद छात्रों में गुस्सा का माहौल था। लगातार यह सवाल किए जा रहे थें कि यह परीक्षा किस आधार पर रद्द की गई।
एनटीए की जांच करेगी हाई लेवल टीम
इस पूरे मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कल (गुरुवार) प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा था कि सरकार द्वारा एनटीए के कामकाज की जांच करने के लिए एक हाई लेवल टीम बनाई जाएगी। साथ ही इस मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। बता दें कि यूजीसी-नेट परीक्षा के माध्यम से इंडियन स्टूडेंट्स को जूनियर रिसर्च फेलोशिप मिलती है। साथ ही इसके आधार पर पीएचडी करने वाले छात्रों को सरकारी यूनिवर्सिटी एवं कॉलेजों में दाखिला मिलता है। इस परीक्षा के निकाले बिना कोई भी छात्र किसी सरकारी संस्थान में नौकरी नहीं कर सकते हैं। इस साल लगभग 9 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी।
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