
भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट का एशियाई खेल 2026 में जगह बनाने का सपना चयन ट्रायल्स के सेमीफाइनल में टूट गया। शनिवार को आयोजित ट्रायल्स में 53 किलोग्राम भार वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में उन्हें युवा पहलवान मीनाक्षी गोयत ने 6-4 से हराकर बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस हार के साथ 31 वर्षीय विनेश एशियाई खेलों की भारतीय टीम में जगह बनाने से चूक गईं।
ट्रायल्स से पहले मिला था राहत का फैसला
सेमीफाइनल मुकाबले से पहले विनेश को बड़ी राहत मिली थी। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने अपना पूर्व फैसला बदलते हुए उन्हें 53 किलोग्राम वर्ग में ट्रायल्स खेलने की अनुमति दे दी थी। इससे पहले महासंघ ने उन्हें केवल 50 किलोग्राम वर्ग में ट्रायल देने की बात कही थी, क्योंकि उन्होंने अपने पिछले चार अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट, जिसमें पेरिस ओलंपिक भी शामिल था, इसी भार वर्ग में खेले थे। विनेश ने इस फैसले का विरोध करते हुए इसे भेदभावपूर्ण बताया था। इसके बाद डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि खिलाड़ी के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा और उन्हें 53 किलोग्राम वर्ग में खेलने की अनुमति दी गई। वजन माप के दौरान विनेश का वजन 53.9 किलोग्राम पाया गया, जिसके बाद उन्हें 53 किलोग्राम वर्ग के ड्रॉ में शामिल किया गया।
हाई-वोल्टेज क्वार्टरफाइनल के बाद पहुंचीं थीं सेमीफाइनल
ट्रायल्स के दौरान विनेश ने शुरुआती मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले ज्योति को 7-1 से हराया। इसके बाद क्वार्टरफाइनल में निशु के खिलाफ मुकाबला काफी रोमांचक और विवादों से भरा रहा। मुकाबले की शुरुआत में निशु ने 5-0 की बढ़त बना ली थी और एक समय विनेश लगभग फॉल होने की स्थिति में पहुंच गई थीं। हालांकि, अनुभवी विनेश ने शानदार वापसी की। तकनीकी फैसलों, वीडियो स्क्रीन की तकनीकी दिक्कतों और कोचों की आपत्तियों के बीच मुकाबला बेहद तनावपूर्ण हो गया।
स्कोर 6-6 की बराबरी पर पहुंचा तो निशु के एक टेकडाउन प्रयास को अंक नहीं दिए गए। इसके बाद निशु के कोच ने फैसले को चुनौती दी, लेकिन चुनौती असफल रही और विनेश मुकाबला जीतकर सेमीफाइनल में पहुंच गईं। हार के बाद भावुक निशु ने रेफरी और विनेश से हाथ मिलाने से भी इनकार कर दिया था।
मैं असफल नहीं हुई’
सेमीफाइनल में हार के बाद विनेश फोगाट ने कहा कि वह खुद को असफल नहीं मानतीं। उन्होंने कहा, ‘मैं पूरे सिस्टम के खिलाफ लड़ रही थी। एक तरफ मैं थी और दूसरी तरफ बाकी सभी लोग थे। मुझे हर अंक के लिए संघर्ष करना पड़ा। मुझे निष्पक्ष मौका नहीं मिला।’ विनेश ने कहा कि वह भविष्य के लिए तैयारी जारी रखेंगी और मजबूत वापसी करेंगी। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका अगला प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट कौन सा होगा।
एशियाई खेलों का सपना टूटा, लेकिन हौसला बरकरार
एशियाई खेल 2026 के लिए क्वालfफाई न कर पाने से विनेश फोगाट को बड़ा झटका लगा है, लेकिन उनके बयान से साफ है कि वह अभी भी कुश्ती से दूरी बनाने के मूड में नहीं हैं। भारतीय कुश्ती की सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल विनेश ने वापसी का संकेत देते हुए अपने करियर को आगे बढ़ाने का इरादा जाहिर किया है।

