
मुंबई…
जहाँ सपने ऊँची इमारतों से भी बड़े होते हैं और संघर्ष उनसे भी भारी।
इसी शहर की भागती ज़िंदगी के बीच जब कोई तस्वीर अचानक आँखों के सामने ठहर जाती है—
तो समझ लीजिए, वह सिर्फ़ तस्वीर नहीं… संदेश होती है।
सफेद वस्त्रों में साईं बाबा,
शांत दृष्टि, गंभीर चेहरा और भीतर तक उतर जाने वाली खामोशी।
यह तस्वीर आज 08 जनवरी 2026, गुरुवार के दिन हमें याद दिलाती है कि—
भगवान शब्दों में नहीं, अनुभूति में मिलते हैं।
बॉलीवुड के वरिष्ठ लेखक-निर्देशक राजेश भट्ट साहब (मुंबई) कहते हैं—
“जब इंसान सबसे ज़्यादा अकेला होता है,
तभी ईश्वर सबसे ज़्यादा पास होते हैं।”
गुरुवार का महत्व
गुरुवार केवल सप्ताह का एक दिन नहीं है—
यह आस्था, धैर्य और आत्मचिंतन का दिन है।
यह वह दिन है जब इंसान अपने भीतर झाँकता है,
अपने कर्मों को टटोलता है,
और भगवान से नहीं—
खुद से सवाल करता है।
साईं बाबा की शिक्षा साफ़ है—
श्रद्धा रखो, सबूरी रखो।
श्रद्धा यानी विश्वास—
कि जो हो रहा है, किसी कारण से हो रहा है।
सबूरी यानी धैर्य—
कि समय लगेगा, लेकिन अन्याय नहीं होगा।
आज का इंसान पूछता है—
“मेहनत के बाद भी दुःख क्यों?”
“ईमानदारी के बाद भी संघर्ष क्यों?”
साईं बाबा मुस्कराकर कहते हैं—
“क्योंकि संघर्ष इंसान को मज़बूत बनाता है
और धैर्य उसे योग्य।”
यह गुरुवार हमें यह भी सिखाता है कि
भगवान मंदिर, मस्जिद या चर्च तक सीमित नहीं हैं—
वे उस हाथ में हैं जो किसी को सहारा देता है,
उस जुबान में हैं जो सच बोलती है,
और उस दिल में हैं जो माफ़ करना जानता है।
राजेश भट्ट साहब के शब्दों में—
“भगवान से कुछ माँगने से पहले
एक अच्छा इंसान बनो,
क्योंकि भगवान इंसानियत में बसते हैं।”
आज जन कल्याण टाइम्स न्यूज़, मुंबई
के माध्यम से यह संदेश हर उस व्यक्ति तक पहुँच रहा है—
जो हार मानने की सोच रहा है,
जो टूट चुका है,
जो अंधेरे में रोशनी ढूँढ रहा है।
गुरुवार का विशेष संदेश
आज के दिन—
किसी भूखे को भोजन कराइए
किसी दुखी को दिलासा दीजिए
किसी से मन का बैर छोड़ दीजिए
यही सच्ची पूजा है।
यही साईं बाबा की राह है।
साईं बाबा कहते हैं—
“सबका मालिक एक।”
धर्म अलग हो सकते हैं,
रास्ते अलग हो सकते हैं,
लेकिन मंज़िल एक ही है—
मानवता, प्रेम और सच्चाई।
🌼 गुरुवार की शुभकामनाएँ
आज का दिन आपके जीवन में
धैर्य, विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आए।
प्रस्तुति:

📰 जन कल्याण टाइम्स न्यूज़, मुंबई
फ़ोटोग्राफी एवं रिपोर्टिंग:

📸 धनंजय राजेश गवाडे
(प्रेस फ़ोटोग्राफ़र, जन कल्याण टाइम्स न्यूज़, मुंबई)
लेखन प्रेरणा:

🎬 राजेश भट्ट साहब
(बॉलीवुड लेखक-निर्देशक, मुंबई)