Chardham Yatra 2025: उत्तराखंड में चार धाम यात्रा की शुरुआत 30 अप्रैल से होने जा रही है, जिसके लिए राज्य सरकार पूरी तरह से तैयारियों में जुटी हुई है. यात्रा की मॉनिटरिंग खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कर रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े. सरकार ने इस बार यात्रा को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए कई नई व्यवस्थाओं को लागू करने का निर्णय लिया है. इसके तहत जल्द ही चार धाम यात्रा परिषद का गठन किया जाएगा, जिससे यात्रा प्रबंधन और अधिक प्रभावी हो सके. व्यवस्थाओं को लेकर सरकार सतर्क चार धाम यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए करीब 18 विभाग कार्यरत हैं. इन विभागों का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है. सरकार ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि यात्रा से पहले सभी निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि किसी तरह की असुविधा न हो. इस साल चार धाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 45 दिन पहले ही शुरू कर दी गई थी. अब तक 7 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करवा चुके हैं. श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए यात्रा रूट पर पर्याप्त वाहनों की पार्किंग व्यवस्था की जा रही है. क्राउड मैनेजमेंट के लिए विशेष इंतजाम इस बार क्राउड मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. यात्रा मार्ग को हर 10 किलोमीटर के दायरे में एक सेक्टर में विभाजित किया गया है, जहां 24 घंटे पुलिस कर्मियों की तैनाती रहेगी. इससे यात्रा के दौरान यातायात प्रभावित नहीं होगा और श्रद्धालु सुगमता से दर्शन कर सकेंगे. इसके अलावा, यदि यात्रा के दौरान अचानक भीड़ बढ़ती है, तो इसे संभालने के लिए हरिद्वार से लेकर यात्रा के अंतिम पड़ाव तक होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं. यहां यात्रियों के रुकने, ठहरने और खाने-पीने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. 5 अप्रैल को होगी समीक्षा बैठक चार धाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए 5 अप्रैल को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी. इस बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे और अब तक की तैयारियों की समीक्षा करेंगे. सरकार की कोशिश है कि इस बार यात्रा को पहले से अधिक सुगम और सुरक्षित बनाया जाए, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के दर्शन कर सकें. आयुक्त गढ़वाल का बयान गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने कहा, “हमारी प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं का ध्यान रखना है. सभी संबंधित विभागों को निर्देश दे दिए गए हैं कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं.” इस बार चार धाम यात्रा को पहले से बेहतर बनाने के लिए सरकार और प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है. श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जा रहा है, जिससे यात्रा एक यादगार और सुखद अनुभव बन सके.