देश को तानाशाही से बचाने के लिए एकजुट होना पड़ेगा : सिसोदिया

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नई दिल्ली। आप नेता व दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को कहा कि यह लड़ाई तानाशाही के खिलाफ है। देश के हर नागरिक को इसके खिलाफ लड़ना होगा। विपक्ष से अपील है कि यह सिर्फ हमारे साथ नहीं हो रहा है, कल उनके साथ भी हो सकता है। हमें एकजुट होकर भारत छोड़ो नारे के साथ यह लड़ाई लड़नी होगी। सिसोदिया ने जेल से छूटने के साथ शनिवार को आप मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 9 अगस्त को मुझे जमानत मिली, जब वही दिन है जब भारत छोड़ो आंदोलन शुरू हुआ था। यह इशारा है कि मैं बाहर निकलकर ‘तानाशाही भारत छोड़ो का नारा बुलंद करूं। तानाशाही का शिकार हर आम आदमी है। हमें तानाशाही के खिलाफ एकजुट होना होगा। आज आम आदमी पार्टी के नेता जेल में हैं, लेकिन कल किसी और का नंबर आएगा। इंडिया गठबंधन में शामिल विपक्ष के नेताओं के अलावा भाजपा के साथ एनडीए में आए नए दलों को भी नसीहत देते हुए कहा कि आप यह न सोचें कि सिर्फ हमारे नेता ही जेल जाएंगे, एक दिन आपका भी नंबर आएगा।

सीएम को बदनाम करने की साजिश
सिसोदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ईमानदारी के प्रतीक हैं। कश्मीर से कन्याकुमारी तक लोग जानते हैं कि केजरीवाल सरकार काम कर रही है। इस वजह से उसके मंत्रियों को झूठे केस में जेल में डाला गया। केजरीवाल की छवि को बिगाड़ने और काम रोकने के लिए ईडी-सीबीआई द्वारा तानाबाना बुना गया है, ना कि किसी भ्रष्टाचार की जांच के लिए, मगर मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि जैसे मैं और संजय सिंह जेल से बाहर आए, वैसे ही संविधान की ताकत अरविंद केजरीवाल को भी बाहर निकालेगी।
विकसित राष्ट्र के लिए शिक्षा क्रांति जरूरी
आप नेता ने कहा कि किसी भी राष्ट्र को तब तक विकसित नहीं बनाया जा सकता जब तक कि वहां शिक्षा की क्रांति नहीं आएगी। दिल्ली में वह काम हो रहा था, उसे रोकने के लिए ईडी-सीबीआई को लगाया गया है। उन्होंने कहा कि जो लोग कहते हैं कि बिना शिक्षा के विकसित राष्ट्र बनेगा, वह सिर्फ जुमला है।

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