नई दिल्ली: भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस यात्रा को लेकर एक बड़ी सफलता समाने आई है। जिसमें रूस ने 10 भारतीय नागरिक को जल्द ही भारत वापस भेजे जाने पर मुहर लगा दी है। जिसके बारे में जानकारी केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने दी हैा
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने बताया कि रूसी सशस्त्र बलों ने रूसी सेना में कार्यरत 10 भारतीयों को रिहा कर दिया है। भारत के नागरिकों को नौकरी देने के बहाने से रूस ने अपने सेना में शामिल किया था जिसके बाद पीएम मोदी के द्वारा पुतिन के सामने ये मुद्दा उठाने के बाद 10 भारतीय को रूस ने रिहा कर दिया है।
सपा के सांसद के सवाल पर संग्राम
मिली जानकारी के अनुसार सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने लोकसभा केंद्र सरकार से पूछा था कि विदेश मंत्री कृपया उन भारतीयों का ब्योरा दें जिन्हें मानव तस्करी के जरिए यूक्रेन के युद्ध क्षेत्र में ले जाया गया है। क्या सरकार की ओर से उन्हें भारत वापस लाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। अगर उन्हें भारत लाया जा रहा है तो उनका ब्योरा दें और अगर उन्हें वापस न लाने का प्रयास किया जा रहा है तो इसके क्या कारण हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि मानव तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है।
विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने दिया जवाब
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के सवाल के जवाब में कीर्तिवर्धन ने कहा कि सरकार को रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती कुछ भारतीय नागरिकों को जल्द रिहा करने के अनुरोध प्राप्त हुए हैं। भारत के हर सवाल को विदेश मंत्रालय और मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास ने रूसी अधिकारियों के समक्ष मजबूती से उठाया है। अब तक रूसी सशस्त्र बलों ने करीब 10 भारतीय नागरिकों को रिहा किया है।
इसके साथ ही केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि 8, 9 जुलाई को अपने हालिया रूस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी सशस्त्र बलों से सभी भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द रिहा करने का मुद्दा उठाया था। साथ ही विदेश मंत्रालय ने सभी भारतीय नागरिकों से रूस में रोजगार के अवसर तलाशने और इस युद्ध क्षेत्र से दूर रहने की अपील की है।
पीएम मोदी ने पुतिन के सामने उठाया था मुद्दा
जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान रूसी सेना में भर्ती भारतीयों की सुरक्षित वापसी का मुद्दा उठाया था। इसके बाद भारतीय सैनिकों की वापसी पर सहमति बनी थी।
इसके साथ ही इस मामले में जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस समय 30 से 40 भारतीय रूसी सेना में सेवारत हैं। इससे पहले कई रिपोर्ट्स में कहा गया था कि ये भारतीय अपने वतन लौटना चाहते हैं लेकिन रूसी सेना को छोड़कर अपने वतन लौटना उनके लिए संभव नहीं है। रूस और यूक्रेन के बीच हुए युद्ध में दो भारतीयों की मौत हो गई थी। इसके बाद भारत ने रूस से वहां की सेना में भर्ती भारतीयों को वापस भेजने की मांग की थी।




