सूरत: गुजरात के सूरत में पुलिस द्वारा पिछले लंबे समय से ड्रग माफिया के खिलाफ ‘No Durgs in Surat City’ मुहिम चल रही है। इसी दौरान सूरत क्राइम ब्रांच को जानकारी मिली थी की मुंबई के गोवंडी में रहने वाली एक महिला राबिया शेख एम.डी.ड्रग्स की बड़ी खेप लेकर सूरत आ रही है। सूरत रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने निगरानी रखी और मुंबई से ट्रेन में आई राबिया और उसके साथी शफीक खान पठान को धर दबोचा। राबिया के पास से स्कूल बैग में कपड़ों के बीच छुपाया गया 250 ग्राम एम.डी.ड्रग पुलिस के हाथ लगा। इन दोनों से हुई पूछताछ के बाद पुलिस को सूरत में डिलीवरी लेने वाले और बिक्री करने वाले कुछ ड्रग पेडलर्स के नाम और पते भी मिले।
राबिया और शफीक से पूछताछ के बाद पुलिस ने मारी रेड
राबिया और शफीक से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने 5 जगहों पर रेड की। मोहसिन शेख, सरफराज उर्फ सलमान और फैजल नाम के 3 आरोपियों ढूंढते हुए जब पुलिस पाल इलाके के काचा मरीना होटल के रूम नंबर 404 में पहुंची तो उन्हें वहां पर सरफराज उर्फ सलमान मिला। चेकिंग के दौरान उससे भी 28 ग्राम एम.डी.ड्रग बरामद हुआ। रान्देर इलाके में स्थित रमा रेजिडेंसी के पास रोड से फैसल अल्लारखा कचरा और यासीन बाबुल मुल्ला को 31 ग्राम ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया जबकि मोहसिन शेख उसके दोस्त अशफाक शेख के घर छिपे होने की जानकारी मिलते ही पुलिस ने वहां भी छापा मारा।
आरोपी ने की बिल्डिंग की छत से कूदकर भागने की कोशिश
अशफाक ने एक बिल्डिंग की छत से दूसरी बिल्डिंग पर कूदकर भागने की कोशिश की लेकिन नाकाम हो गया और उसे चोट भी लगी। अशफाक को तुरंद अस्पताल ले जाया गया और चेकिंग के दौरान उसके पास से भी 14 ग्राम ड्रग मिला। नानपुरा श्रुति हॉस्पिटल के सामने से आसिफ सैयद उर्फ़ बाबू को भी पुलिस ने धर दबोचा और उसके पास से भी 27 ग्राम एम.डी. ड्रग मिला। इस तरह सूरत क्राइम ब्रांच ने 5 जगह रेड डालकर 354.650 ग्राम ड्रग्स और 1.930 ग्राम गांजा भी बरामद किया। इस मामले में गोवंडी की राबिया बानू, यूपी के जौनपुर के शफीक खान पठान, भरूच के सरफराज और सलमान के साथ-साथ सूरत के फैसल अल्लारखा कचरा, यासीन बाबुल मुल्ला, अशफाक मोहम्मद युनिस शेख और आसिफ सैयद को गिरफ्तार किया।
एक महीने से भी ज्यादा समय से लगी हुई थी सूरत पुलिस
सूरत पुलिस इस केस पर पिछले 1 महीने से भी ज्यादा समय से काम कर रही थी और इन अपराधियों के सारे डिटेल्स इक्कट्ठे कर लिए थे। राबिया कई बार सूरत आने के लिए ट्रेन, बस और रिक्शे चेंज करती रहती थी। इस बार पुलिस ने शुरू से ही राबिया के पीछे 2 कॉन्स्टेबल लगा दिये थे ताकि उसके हर मूवमेंट पर नजर रखी जा सके। साथ ही उसके डिलीवरी एजेंट्स को भनक तक नहीं लगने दी कि वे क्राइम ब्रांच के रडार पर हैं। गुजरात पुलिस की मुहिम का ही असर है कि जहां पिछले 3 साल में करीब 9300 करोड़ की ड्रग्स पकड़ी गई थी वहीं पिछले 3 महीनों में ही 2200 करोड़ रुपये की ड्रग्र पकड़ में आई है और उसमे भी सबसे ज्यादा केस सूरत पुलिस ने पकड़े हैं।
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