मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में मंत्री पद को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अजित पवार की अगुवाई वाली एनसीपी को एक मंत्री का पद मिला है लेकिन इसको लेकर प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे दोनों ने ही दावेदारी कर दी है। ऐसे में अजित पवार के सामने संकट खड़ा हो गया है कि इस विवाद को कैसे निपटाएं? यही वजह रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर संभावित मंत्रियों के साथ मीटिंग की तो इसमें एनसीपी की तरफ कोई मौजूद नहीं था। सुनील तटकरे रायगढ़ लोकसभा सीट से जीते हैं तो वहीं प्रफुल्ल पटेल राज्यसभा के सदस्य हैं।
फडणवीस के पास पहुंचा मामला
सूत्रों की मानें तो मनी लॉन्ड्रिंग मामले के कारण बीजेपी एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल को एनडीए सरकार में मंत्री बनाने की इच्छुक नहीं है। सुनील तटकरे एनसीपी के अकेले लोकसभा सांसद हैं। जिन्हें मंत्री पद दिया जा सकता है, लेकिन दिल्ली में उनकी पार्टी के नेता ने उनका नाम रोक दिया है। इसके पीछे प्रफुल्ल पटेल बताए जा रहे हैं। अब कहा जा रहा है कि इस पूरे मामले में अजित पवार को फैसला लेना होगा। लोकसभा चुनाव परिणामों के बाद प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे एनडीए की पहली बैठक में शामिल हुए थे। इसकी तस्वीरें भी सामने आई थी। दोनों नेताओं ने पीएम मोदी के साथ चर्चा भी थी। इसके बाद जब संसदीय दल की बैठक सेंट्रल हाल में हुई थी। तब खुद अजीत पवार वहां पहुंचे थे। एनसीपी को मंत्रिमंडल में एक मंत्री पद मिला था, लेकिन प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को लेकर पार्टी के अंदर विवाद होने पर किसी को जगह नहीं मिली है।
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