उत्तर प्रदेश –निर्दल प्रत्याशी के तौर पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अफजाल अंसारी की बेटी चुनावी मैदान में हैं। अफजाल अंसारी की बेटी नुसरत को छड़ी चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है। बताते चलें कि छड़ी चुनाव चिन्ह विधानसभा चुनाव के लिए सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) का अधिकृत चुनावी सिंबल है। ऐसे में बीजेपी ने नुसरत को छड़ी चुनाव चिन्ह मिलने पर चुनाव आयोग से इस मसले पर पुनर्विचार करने की अपील की।
काशी प्रांत के लोकसभा चुनाव संयोजक कृष्ण बिहारी राय ने बातचीत के दौरान बताया कि किसी भी व्यक्तियों का समूह अगर चुनाव आयोग से आग्रह करता है कि वह समूह अलग-अलग सीटों पर चुनाव लड़ेगा। उसे समूह को एक कमान चुनाव चिन्ह मुक्त प्रतीक चिन्हों में से आवंटित कर दिया जाए। ऐसे में आयोग एक चिन्ह उस समूह के लिए रिजर्व कर देता है। इसी के आधार पर 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को छड़ी आवंटित था। बीजेपी के साथ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का गठबंधन था। छड़ी चुनाव चिन्ह पर ही एलाइंस पार्टनर के तौर पर सुभासपा के कैंडिडेट चुनावों में जीते थे।
चुनाव आयोग में पहुंचा मामला
2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के उम्मीदवार छड़ी चुनाव चिन्ह पर जीते हैं। ऐसे में छड़ी चुनाव चिन्ह की पहचान सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के साथ जुड़ी हुई है। हालांकि लोकसभा चुनाव के लिए छड़ी चुनाव चिन्ह मुक्त चुनाव चिन्ह की सूची में था। ऐसे में तकनीकी रूप से छड़ी चुनाव चिन्ह किसी निर्दल प्रत्याशी को आवंटित किया जा सकता है, लेकिन जिन-जिन प्रदेश में जहां-जहां ऐसी स्थिति आई है। राजनीतिक दलों की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई है, उन प्रतीक चिन्ह को मुक्त प्रतीक चिन्हों की लिस्ट से हटाया गया। उत्तर प्रदेश में भी ऐसा ही होना चाहिए था। मुक्त चुनाव चिन्ह की सूची में छड़ी को रखा जाना गलत है। चुनाव आयोग को इस मसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
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