मुंबई: प्रोफेसर साईबाबा (G.N. Sai Baba) को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। दरअसल कथित नक्सली मामले में प्रोफेसर जीएन साईबाबा और उनके सहयोगियों को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने बड़ा फैसला लिया है। प्रोफेसर जीएन साईबाबा और उनके साथियों को बरी कर दिया गया है।
गौरतलब हो कि पिछले कुछ सालों से कोर्ट ने ये फैसला सुरक्षित रखा हुआ था। ऐसे में आज इस मामले को लेकर बहुप्रतीक्षित परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस नक्सली मामले में जी.एन. साईबाबा के साथ ही महेश तिर्की, हेम मिश्रा, प्रशांत राही, नारायण सांगलीकर और विजय तिर्की को बरी कर दिया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक, उनके एक अन्य साथी पांडु नरोटे की 25 अगस्त 2022 को बीमारी से मृत्यु हो गई।
क्या है मामला…
दरअसल 7 मार्च, 2017 को गढ़चिरौली सत्र न्यायालय ने विजय तिर्की को 10 साल जेल की सजा सुनाई, जबकि अन्य सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। आरोपियों ने इस कार्रवाई का विरोध किया। साथ ही कोर्ट में अपील भी दायर की। इस दायर अपील पर बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने आज फैसला सुनाया है।
जानकारी के लिए आपको बता दें कि इससे पहले साईबाबा और अन्य की ओर से दायर अपील पर अंतिम सुनवाई 7 सितंबर 2023 को पूरी हुई थी। इसके बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया। आज प्रोफेसर जीएन साईबाबा और उनके साथियों को अब बरी कर दिया गया है।
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