अयोध्या. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी को श्रीराम जन्मभूमि में बने रामलला के मंदिर में हनुमान जी की अनुमति से ही प्रवेश करेंगे। मान्यता है कि अयोध्या में हनुमान जी की बिना अनुमति के यहां कोई शुभ काम नहीं होता है। इसी मान्यता के चलते पीएम मोदी सबसे पहले हनुमान जी के दरबार में हाजिरी लगाएंगे, उनसे अनुमति लेंगे, फिर रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए राम जन्मभूमि प्रस्थान करेंगे।
वहीं प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का अनुष्ठान 16 जनवरी से शुरु होगा। प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान में पीएम मोदी सबसे पहले संकल्प लेकर देश को समर्पित करेंगे, फिर रामलला का पूजन करेंगे। जो करीब 20 मिनट की होगी। पूजन के दौरान गर्भगृह में 10 से 11 लोग मौजूद रहेंगे। पूजा आचार्य लक्ष्मीकांत व गणेश्वर द्रविड़ के निर्देशन में होगी। किन्नर काजल ने कहा कि प्रभु श्रीराम से किन्नर समाज का त्रेताकाल से अभिन्न नाता है। हमारे पूर्वजों को प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त है। कलयुग में हम जिसे आर्शीवचन देंगे, उसे वह फलीभूत होगा। यह हमारे राम की कृपा से होता है। यही वजह है कि हमें लोग शुभ घड़ी पर बुलाते हैं और उपहार देते हैं। ऐसे में प्रभु श्रीराम के उत्सव में हम पीछे रहने वाले नहीं है।
