सूरत. विदेश में एमबीबीएस पढ़ने गए 972 भारतीय विद्यार्थियों पर नेशनल मेडिकल कमिशन (एनएमसी) की गाज गिरी है। एनएमसी ने सभी के पास से विदेशी विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने के अनुमति प्रमाण का वेरिफिकेशन करने का आदेश दिया है। जिनका वेरिफिकेशन नहीं हुआ है, ऐसे सभी के नाम की सूची वेबसाइट पर जारी की गई है। सभी को 10 दिनों का समय दिया गया है। प्रमाण नहीं देने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई है।
हर साल बड़ी संख्या में भारतीय विद्यार्थी विदेश के विश्वविद्यालयों में मेडिकल की पढ़ाई करने जाते हैं। इसमें सूरत और गुजरात के भी विद्यार्थी शामिल होते हैं। इस साल भी सूरत व गुजरात के सैकड़ों विद्यार्थी विदेश में मेडिकल की पढ़ाई करने गए हैं। यह विद्यार्थी ज्यादातर रशिया, युक्रेन, फिलीपींस और चीन के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेते हैं। मेडिकल कॉलेजों के प्राध्यापकों का कहना है कि साल 2019 से एनएमसी ने विदेश में मेडिकल की पढ़ाई करने के नियम में बड़ा बदलाव किया है।
अभी से उठाएं कदम
प्राध्यापकों का कहना है कि नियम का पालन किए बिना विदेश में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी जब वापस आते हैं, तब एनएमसी को कई तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसलिए एनएमसी ने अभी से इस मामले में कड़ा कदम उठाया है।
