पुणे: पुणे विभाग (Pune division) में पानी की समस्या (Water shortage) गंभीर हो गई है। पानी की यह समस्या और गंभीर होने की संभावना है। विभाग के 110 गांवों (Villages) और कस्बों में पानी की कमी है। इससे 2 लाख 11 हजार 443 नागरिकों और 88 हजार पशुओं को 113 टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है। पानी की कमी वाले इलाकों में मांग करने के बाद तुरंत टैंकर शुरू किए जा रहे हैं। इस वर्ष मानसून देरी से सक्रिय हुआ था और जून के आखिरी सप्ताह में अच्छी बारिश हुई। उसके बाद पूरे जुलाई महीने में बारिश नहीं हुई। उसके बाद हुई बारिश से कृष्णा और भीमा घाटी के बांधों में पानी भरा। इससे पुणे विभाग के टैंकर मुक्त होने की संभावना जताई जा रही थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब तक सिर्फ गर्मी के मौसम में टैंकरों से जलापूर्ति करनी पड़ती थी। लेकिन इस वर्ष पर्याप्त बारिश नहीं होने से बारिश के मौसम में ही टैंकरों की संख्या बढ़ गई थी। अब सर्दी के मौसम में टैंकरों की संख्या 113 पर पहुंच गई है। इसलिए अब सर्दी के मौसम के बाद गर्मीयों में पानी की किल्लत और बढ़ने की संभावना है।
पानी की किल्लत
पुणे विभाग के कोल्हापुर जिले को छोड़कर शेष चारों जिलों में टैंकर से जलापूर्ति की जा रही है। इसमें सातारा जिले के सबसे अधिक 64 गांवों और 268 कस्बों में पानी की कमी है। वहां के 73 हजार पशुओं 95 हजार नागरिकों को 64 टैंकरों की मदद से पानी सप्लाई किया जा रहा है। सांगली जिले के 33 गांवों औश्र 271 कस्बों में पानी की कमी। वहां पर चार हजार पशुओं और 83 हजार नागरिकों को 33 टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है। इसकी तुलना में पुणे जिले में पानी की किल्लत थोड़ी कम है। वर्तमान समय में पुणे जिले के 10 गांवों और 61 कस्बों के 22 हजार नागरिकों को टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है।
टैंकर लॉबी के लिए अच्छे दिन
पुणे विभाग में 113 टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है। इसमें 26 टैंकर सरकारी हैं। 87 निजी टैंकर हैं। इससे यह स्पष्ट होता है टैंकर लॉबी के अच्छे दिन चल रहे हैं। सातारा जिले में 52, सांगली में 28, पुणे जिले में 3 और सोलापुर जिले में चार निजी टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है।
