मुंबई। फर्जी दस्तावेज के जरिये लोन लेकर सात कार सहित 23 वाहन खरीदने वाले 48 वर्षीय व्यक्ति को लोन धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि दोपहिया वाहन लोन पर ईएमआई बंद होने के बाद गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी (NBFC) ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी। एनबीएफसी ने जब दस्तावेज की जांच तो पता चला कि वे जाली थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पिछले साल 23 सितंबर को एक एनबीएफसी फर्म के अधिकारी ने मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने कहा कि हमें बताया गया कि आरोपी ने दोपहिया वाहन खरीदने के लिए लोन लिया था जिसके बाद वह गायब हो गया।
आरोपी इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएट
आरोपी इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएट है। वह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एनबीएफसी से लोन लेता था और दोपहिया और चार पहिया वाहन खरीदने के बाद उन्हें बेचकर फरार हो जाता था।
एक महीने के भीतर कम कीमत पर बेचता था वाहन
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए अकाउंट नंबर की जांच की और उसे नवी मुंबई में उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी अन्य लोगों के दस्तावेजों में अपनी फोटो लगाकर एनबीएफसी से लोन लेता था और उनके आधार पर वाहन खरीदता था। आरोपी सभी वाहनों को एक महीने के भीतर कम कीमत पर बेच देता था और गायब हो जाता था।
सात कारों सहित 23 वाहन खरीदे
जांच पड़ताल के बाद आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी सहित कई धाराओं में केस दर्ज कर उसको गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में पता चला कि उसने सात कारों सहित 23 वाहन खरीदे थे, जिनकी कुल कीमत 89.02 लाख रुपये थी। सभी वाहन फर्जी नामों पर खरीदी गई थी। आरोपी शख्स ने कुछ वाहनों की बॉडी के साथ-साथ उनके नंबर भी बदल दिए थे।
