तेल अवीव. सुबह इजराइल के लोगों की नींद रॉकेट हमले के धमाकों और सायरन की आवाज से खुली। उन्होंने ऐसे भयावह दृश्य देखे जो उनके सपने में भी नहीं आए होंगे। गाजा बॉर्डर पर बेहद असरदार मानी जानी वाली इजराइल की रक्षा पंक्ति को कई जगह से भेदा जा चुका था। हजारों रॉकेट के हमलों के साथ-साथ हमास के दर्जनों सशस्त्र लड़ाके इजराइल पर जल और नभ मार्ग से भी गाजा में प्रवेश कर चुके थे और वे अंधाधुंध तरीके से आम नागरिकों, सैनिकों पर गोलीबारी कर रहे थे। योम किपुर युद्ध (6 अक्टूबर 1973 को सीरिया और मिस्र की संयुक्त सेना का इजराइल पर हमला) के ठीक 50 साल बाद इजराइल पर ये हमला किसी अरब देश की सेना ने नहीं बल्कि हमास ने किया था।
हमास के आतंकी हमले के साथ ही दुनिया के सामने चौथा युद्ध क्षेत्र खुल चुका है। हमले को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने देश के खिलाफ जंग की संज्ञा दी है। इससे पहले इजराइल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने भी युद्ध की घोषणा की। उन्होंने कहा, हमास ने इजराइल के खिलाफ युद्ध छेड़ कर गंभीर गलती की है। सेना ने जवाबी कार्रवाई शुरू की। इसमें हमास के 200 से अधिक लोगों को मार गिराने का दावा किया।
शांति की करें पहल
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का आह्वान किया कि समाधान निकालने के लिए शांति की पहल करें।
फिलिस्तीन के प्रधानमंत्री मुहम्मद अब्बास ने बैठक के बाद कहा, फिलिस्तीनियों को अवैध कब्जा करने वालों के आतंक के खिलाफ अपनी रक्षा करने का अधिकार है।
इजराइल को देंगे संसाधन: अमरीका
अमरीका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कहा है कि इजराइल को अपनी सुरक्षा में जिन चीजों की जरूरत होगी, पेंटागन वो सभी चीजें मुहैया कराएगा। इजराइल बनाम फिलिस्तीन तनाव के बीच अमरीकी वायु सेना ने भी क्लीन-01 के साथ एक्सटेंडर (कार्गो एयरक्राफ्ट) भी तैनात किया है। आम तौर पर यह 5 लड़ाकू विमानों से लैस रहता है।