नई दिल्ली. माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने सरकार के मिलेट ( मोटे अनाज) को बढ़ावा देने के तहत 70 प्रतिशत बाजरे के आटे के मिश्रण को खुले बेचने पर शून्य जीएसटी तथा डिब्बाबंद कर बेचने पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाने का निर्णय लिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई परिषद की 52वीं बैठक में ये निर्णय लिए गए। बैठक में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, वित्त विभाग संभालने वाले गोवा और मेघालय के मुख्यमंत्रियों के अलावा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री और वित्त मंत्रालय और राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
सीतारमण ने कहा कि गन्ना किसानों के हित में और पशु आहार के निर्माण की लागत को कम करने के उद्देश्य से मॉलिसिस पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। इस कदम से मिलों के पास तरलता बढ़ेगी और गन्ना किसानों को गन्ना बकाया का तेजी से भुगतान हो सकेगा। इससे पशु आहार के निर्माण की लागत में भी कमी आएगी क्योंकि इसके निर्माण में यह भी एक घटक है।
सरकार ने सितंबर 2023 में जीएसटी से 1.63 लाख करोड़ रुपए जुटाए हैं। ये एक साल पहले यानी सिंतबर 2022 के मुकाबले 10.2 फीसदी ज्यादा है।
