नागपुर। जिला व सत्र न्यायालय ने पांच साल की नाबालिग लड़की का अपहरण, दुष्कर्म और बेरहमी से हत्या करने के आरोप में दुष्कर्मी संजय देव पुरी को ट्रिपल (तिहरी) फांसी की सजा सुनाई है। सत्र न्यायाधीश एस. आर. पडवल ने यह महत्वपूर्ण फैसला दिया है। नागपुर में ट्रिपल फांसी की यह पहली घटना बताई जा रही है।
यह है मामला
यह घटना 6 दिसंबर, 2019 को दोपहर 12 बजे के आसपास कलमेश्वर पुलिस स्टेशन की सीमा में हुई। इस मामले में पीड़ित लड़की अपने माता-पिता और तीन साल की बहन के साथ कलमेश्वर तालुक के लिंगा गांव में रहती थी। उसके माता-पिता दोनों मजदूरी करते थे। लड़की के नाना-नानी भी इसी गांव में रहते थे। पीड़िता कभी-कभी अपनी नानी के साथ खेलने और सोने जाती थी। घटना वाले दिन वह दोपहर को घर से निकली, लेकिन रात को वापस नहीं लौटी। अगले दिन सुबह करीब 11 बजे उसकी मां अपनी बेटी को लेने मायके आई, तो पता चला कि लड़की पिछले दिन वहां आई ही नहीं थी। खोजबीन के बाद भी जब बच्ची नहीं मिली तो माता-पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
ऐसा हुआ खुलासा
कुछ लोगों ने खुलासा किया कि पीड़िता को आखिरी बार संजय के साथ देखा गया था। जैसे ही संजय अनाप-शनाप जवाब देने लगा तो पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और गहनता से पूछताछ की। आख़िरकार उसने अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म, बच्ची के यौन शोषण और हत्या के आरोप में भादवि और पॉक्सो की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में कोर्ट ने सभी पक्षों दलील सुनने के बाद दुष्कर्मी संजय पुरी को ट्रिपल फांसी की सजा सुनाई। इस मामले में एड. पी. के. सत्यनाथन की विशेष सरकारी वकील के रूप में नियुक्ति की गई थी। साथ ही जिला विधि सेवा प्राधिकरण ने एस. एम. काझी और हेमंत झा को आरोपी की ओर से नियुक्त किया था।
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