नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर में एक बार फिर आवारा कुत्तों के चलते एक परिवार को अपना इकलौती संतान खाेनी पड़ी है। शहर के बाहरी इलाके में कुत्तों के एक झुंड ने तीन साल के एक लड़के को मार डाला। लंबे इलाज के बाद दंपती ने एक बेटे को जन्म दिया था। तीन साल के वंश शहाणे की मौत से परिवार की दुनिया उजड़ गई। गुस्साए लोगों ने स्थानीय पुलिस स्टेशन का घेराव किया। लोगों ने पुलिस और प्रशासन ने आवारा कुत्तों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग की।
परिवार के लिए था चमत्कार
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार नागपुर के बाहरी इलाके के मौदा में रहने वाले दंपती का बच्चा गणेश नगर इलाके में एक सुनसान जगह पर भटक गया था। वहां कुत्तों ने उसे घेर लिया। इसमें दुखद घटना में मासूम की मौत हो गई। परिवार ने तीन लाख रुपये की डॉक्टरी खर्च के बाद बेटे का जन्म हुआ था। मां को बांझपन से जुड़ी कुछ दिक्कतें थी। परिवार ने बेटे के जन्म पर इस चमत्कार माना था, लेकिन कुत्तों ने बेटे को छीन लिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नागपुर नगरमहापालिका (NMC) आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। इसके चलते ऐसी घटना लगातार हो रही हैं।
इलाके में पहली घटना नहीं
लड़के के पिता अंकुश ने कहा कि कुत्तों ने पहले पुलिस क्वार्टर में एक पुलिसकर्मी की छह साल की बेटी का कान काट लिया था, लेकिन इस खतरे को रोकने के लिए कुछ नहीं किया गया। यह सामने आया है कि अवारा कुत्ते बच्चे पर हमला कर रहे थे तो एक राहगीर ने अपनी जान जोखिम में डालकर कुत्तों को पत्थरों से मारकर भगाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। माता-पिता के पहुंचने तक बच्चा सांस ले रहा था, लेकिन इसके बाद उसकी मौत हो गई। एसपी नागपुर (ग्रामीण) एच ए पोद्दार ने कहा कि यह एक दुखद घटना है। हमने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया है। पुलिस ऐसे मामलों को रोकने और आवारा कुत्तों के आतंक को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाएगी।
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