जलगांव: महाराष्ट्र के जलगांव (Jalgaon) में वाघुर बांध (Waghur Dam) से दूषित पानी (Contaminated water) की आपूर्ति हो रही है। महानगरपालिका द्वारा दी जाने वाली जलापूर्ति पीली और बदबूदार होने की नागरिकों की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। जिसका समाधान करने में मनपा पूरी तरह विफल साबित हुई है। दूषित जलापूर्ति की वजह से जनता में आक्रोश भी देखने को मिल रहा है। बांध में काई के कारण पानी का रंग पीला हो रहा है, हालांकि जल शोधन केंद्र पर पानी के कीटाणुशोधन की सुविधा है, लेकिन पानी में पीला रंग से मुक्त कराने तकनीकी रूप से संभव नहीं है, जुलाई अंत तक जलगांव के लोगों को पीला पानी पीना पड़ेगा।
मनपा हुई नाकाम
पूरे जलगांव शहर को वाघुर बांध से पानी की आपूर्ति की जाती है। बांध से उठाए गए पानी को उमाला में 132 एमएलडी क्षमता के जल उपचार संयंत्र में शुद्ध किया जाता है। विभिन्न प्रक्रियाओं के कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में फ़िलहाल पीला पानी आने से नागरिक गुस्सा व्यक्त कर रहे हैं। मनपा की लाख कोशिशों के बावजूद पानी का रंग बदल नहीं रहा है। जबकि जल उपचार संयंत्र में फिटकरी, क्लोरीन गैस और ब्लीचिंग का उपयोग करके पानी को कीटाणुरहित किया जाता है।
इसके साथ ही लैब में 20 तरह के फिजिकल, केमिकल और बायोलॉजिकल टेस्ट करने की सुविधा भी उपलब्ध है। हालाँकि, कीटाणुशोधन की सुविधा के बावजूद, बांध में जमा काई के कारण पानी का पीला रंग हटाना तकनीकी रूप से संभव नहीं हुआ है। मनपा के अधिकारियों का कहना है कि वाघुर बांध में ताजा पानी का भंडारण होने तक पीले पानी की समस्या झेलनी पड़ेगी।
दूषित नहीं है पानी, मनपा का दावा
पल्लवी भागवत (आयुक्त एवं प्रशासक, जलगांव नगर निगम) ने बताया, पानी पीला जरूर है, फिर भी पीने योग्य है। तापमान में भारी वृद्धि के कारण पानी के तल पर काई से प्रभावित हैं, ताजे पानी की आपूर्ति करना आवश्यक है। यह पानी शरीर के लिए हानिकारक नहीं है। पानी पीने से कोई नुकसान नहीं होगा। इस संबंध में लैब में परीक्षण हो चुका है।
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