गायक पंकज उधास ने लोकप्रिय ग़ज़लों से नवसारी की भीड़ को हिला दिया

नवसारी के मशहूर गजल गायक पंकज उधास का सोमवार को निधन हो गया। नवसारी से पंकज भाई की यादें भी जुड़ी हुई हैं। विभिन्न संस्थाओं के प्रयास से कई कलाकार नवसारी आए हैं और यहां टाटा हॉल और रंगविहार में कार्यक्रम भी दे चुके हैं। जानकारी के मुताबिक, 23 जनवरी 1995 को भरत शाह की ‘महक’ संस्था द्वारा आयोजित एक गजल कार्यक्रम में पंकज उधास भी आए थे. यहां बता दें कि उधास की कई ग़ज़लें मशहूर हैं, लेकिन ख़ास तौर पर शराब से जुड़ी ग़ज़लें अधिक लोकप्रिय हुई हैं। जिसमें ‘होदी होधि पिया करो, मैं नशे में, मैं पिता नहीं में’ आदि शामिल हैं। जिसके चलते नवसारी में आयोजित कार्यक्रम का नाम भी मधुशाला रखा गया और इसके लिए मंच भी टाटा हॉल में बनाया गया. उन्होंने नवसारी में एक से एक बेहतरीन ग़ज़लें प्रस्तुत कीं और नवसारी के लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पंकज भाई, नवसारी में कार्यक्रम की रात नवसारी में ही एक डॉक्टर साहब रुके थे। सोमवार को उनके निधन की खबर सुनते ही नवसारी में उनके प्रशंसकों में शोक फैल गया।

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