
मुंबई। राज्यसभा में महाराष्ट्र कोटे की रिक्त 6 सीटों के लिए गुरुवार को उम्मीदवारों ने अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। जिन लोगों ने नामांकन पत्र जमा किए, उनमें कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए अशोक चव्हाण (Ashok Chavan) और मिलिंद देवड़ा (milind deora) भी शामिल हैं। राज्य की छह राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव निर्विरोध होने की उम्मीद है क्योंकि विधानसभा (Assembly) में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्षी कांग्रेस के पास अपने-अपने उम्मीदवारों को उच्च सदन में भेजने के लिए पर्याप्त संख्या बल है।
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति में शामिल भाजपा ने पार्टी में शामिल होने के एक दिन बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, पुणे की पूर्व विधायक मेधा कुलकर्णी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता और लंबे समय से पार्टी से जुड़े डॉ. अजित गोपछडे को उम्मीदवार बनाया है। चव्हाण, कुलकर्णी और गोपछडे ने यहां विधानभवन में अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। उप मुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) से प्रफुल्ल पटेल ने अपना नामांकन दाखिल किया। यहां विधानमंडल परिसर में पटेल के नामांकन दाखिल करने के समय महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार, राकांपा नेता सुनील तटकरे तथा मंत्री छगन भुजबल और धनंजय मुंडे भी उनके साथ थे। नामांकन दाखिल करने के बाद पटेल ने संवाददाताओं से कहा कि उनका नामांकन राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है और आने वाले दिनों में चीजें स्पष्ट हो जाएंगी। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना के मिलिंद देवरा ने और कांग्रेस की ओर से चंद्रकांत हंडोरे ने भी अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। पूर्व केंद्रीय मंत्री देवड़ा पिछले महीने ही शिवसेना में शामिल हुए हैं। देवड़ा मुंबई से दो बार लोकसभा सदस्य रहे हैं। यह उच्च सदन के लिए उनका पहला चुनाव होगा। दलित नेता हंडोरे ने भी अपना नामांकन दाखिल किया। कांग्रेस नेता के साथ महाविकास आघाडी (एमवीए) के नेता भी मौजूद थे। महाराष्ट्र से राज्यसभा की छह सीट पर चुनाव होने हैं, क्योंकि मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। चुनाव 27 फरवरी को होने हैं।