सूरत. ओलपाड़ तहसील में 13 साल की छात्रा का अपहरण और बलात्कार करने वाले शिक्षक को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने पीड़िता को मुआवजे के तौर पर एक लाख रुपए चुकाने का भी आदेश दिया है।
मूलत: बिहार और ओलपाड़ तहसील के रहने वाले पप्पू कुमार पर 13 साल की छात्रा का अपहरण और बलात्कार करने का आरोप था। आरोपी ओलपाड़ तहसील की एक स्कूल में शिक्षक था और पीड़ित छात्रा उसी स्कूल में कक्षा नौवीं में पढ़ती थी। इस दौरान आरोपी ने किशोरी को प्रेमजाल में फंसाकर उसके साथ यौन संबंध बनाए।
इसके बाद छात्रा परिवार के साथ महाकाल के दर्शन के लिए गई थी। आरोपी शिक्षक ने छात्रा से इंदौर स्टेशन पर उतरने और वहां से भाग कर शादी करने का झांसा दिया। इस पर छात्रा शौच का बहाना कर ट्रेन से उतर गई और आरोपी उसे लेकर इंदौर भाग गया था।
इधर, पुत्री के लापता होने से चिंतित परिवार पुत्री की खोज कर रहा था, तभी आरोपी ने फोन कर बताया कि उनकी बेटी उसके पास है। छात्रा के पिता इंदौर पहुंचे और पुत्री लेकर सूरत आए। जब पुत्री से पूछा तो उसने बताया कि आरोपी शिक्षक ने उसके साथ बलात्कार किया है। मामला पुलिस में पहुंचने पर पुलिस ने अपहरण, बलात्कार और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया था।
चार्जशीट पेश होने के बाद से मामले की सुनवाई पॉक्सो एक्ट मामलों की विशेष अदालत में चल रही थी। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त लोक अभियोजक दीपेश दवे आरोपों को साबित करने में सफल रहे। अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी शिक्षक को अपहरण, बलात्कार और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत दोषी मानते हुए 20 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।