सूरत. शहर के वराछा जोन क्षेत्र में शामिल जगदीश नगर और घनश्याम नगर सोसायटी में पिछले दो-तीन दिनों से लोगों में कोलेरा के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। बीमारी फैलने की जानकारी मिलते ही मनपा के स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया और बुधवार सुबह से ही क्षेत्र में मेडिकल टीमों को उतार कर जांच शुरू कर दी। अब तक सात लोगों में कोलेरा के लक्षण दिखाई दिए, लेकिन मनपा का स्वास्थ्य विभाग इन्हें डायरिया के मरीज बता रहा है। वहीं, जोन के प्रशासनिक तंत्र ने पानी रिसाव का पता चलने के बाद इसकी मरम्मत का काम भी बुधवार को पूरा किया और स्थानीय लोगों में बीमारी की आशंका को ध्यान में रखते हुए दो दिनों से टैंकरों से पीने का पानी वितरित किया जा रहा है।
वराछा जोन के वार्ड नं.15 (करंज-मगोब) जगदीश नगर और घनश्याम नगर सोसायटी में पिछले दो-तीन दिनों से पीने के पानी की समस्या चल रही थी। ड्रेनेज लाइन का पानी पेयजल लाइन में मिल जाने के कारण क्षेत्र में 7 लोग बीमार हो गए और उनमें कोलेरा के लक्षण दिखाई दिए। जिससे क्षेत्र में कोलेरा की बीमारी फैलने आशंका से लोगों में दहशत फैल गई। एक साथ सात लोगों के बीमार होने और उनमें कोलेरा के लक्षण नजर आने से वराछा जोन का स्वास्थ्य विभाग दौड़ता हो गया।
बुधवार सुबह से ही क्षेत्र में मेडिकल टीमों को उतार दिया गया। टीमों ने पानी की सैंपलिंग के साथ ही लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई है। वहीं, फिलहाल 5 टीमों को जगदीश नगर में स्टैंडबाय पर रखा गया है। वहीं, लीकेज की समस्या को दूर करने के लिए भी बुधवार सुबह से ही कवायद शुरू की गई और लीकेज ढूंढने के साथ ही इसे रिपेयर कर लिया गया है। लीकेज की समस्या दूर होने से स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली है। हालांकि जिन सात लोगों में कोलेरा के लक्षण दिखाई दिए हैं, उन्हें लेकर स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कोलेरा नहीं, उनमें डायरिया के लक्षण हैं।
