डायमंड सिटी की दौड़ अब ज्वैलरी मैन्युफैक्चरिंग में भी

सूरत. दुनिया में तराशे हुए हीरों का सबसे बड़ा का केंद्र सूरत शहर अब ज्वैलरी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। बीते दो सालों में यहां ज्वैलरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट 300 से बढ़कर 500 से ऊपर पहुंच गए हैं। दुनिया के सबसे बड़े कार्पोरेट ऑफिस हीरा बुर्स के कार्यरत होने से आने वाले साल में तराशे वाले हीरों के हब सूरत में डायमंड ज्वैलरी के भी बड़े खरीदार मिलेंगे। हीरा बुर्स में करीब 175 देशों के व्यापारियों के आने का अनुमान लगाया जा रहा है। यहीं के कट पॉलिश्ड हीरे होने और उनकी यहीं मैन्युफैक्चरिंग होने से विदेशी व्यापारियों को बड़ा मार्जिन मिलेगा।

दुनिया के करीब 90% कट और पॉलिश्ड हीरे सूरत में तैयार किए जाते हैं। सूरत के हीरा उद्यमी विदेशों से रफ हीरा खरीद कर लाते हैं और उन्हें कट पॉलिश्ड करने के बाद एक्सपोर्ट करते हैं। सूरत के तराशे हुए हीरों का ज्वैलरी में उपयोग करके ज्वैलर्स तगड़ी कमाई करते हैं। अब धीरे-धीरे स्थिति बदल रही है। सूरत के हीरा उद्यमी कट पॉलिश्ड हीरे के साथ ज्वैलरी में भी हाथ आजमा रहे हैं। सूरत शहर के वराछा, कतारगाम, महिधरपुरा आदि क्षेत्रों में ज्वैलरी यूनिट खुल रहे हैं। यहां ज्वैलरी मैन्युफैक्चरर्स का कहना है कि उन्हें खासी सफलता मिल रही है। विदेशों से भी जॉब वर्क मिल रहा है। महंगी गाड़ियों पर ब्रेसलेट और नेकलेस पर डायमंड लगाने के लिए भी उन्हें ऑर्डर मिल रहे हैं। सूरत के हीरा उद्यमी अब खुद अपने ब्रांड की डिजाइनर ज्वैलरी तैयार कर देश-विदेश में बेच रहे हैं।

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