
मटमैले और बदबूदार पानी से रहवासी परेशान; जलापूर्ति व्यवस्था की जांच और स्वच्छ पानी देने की मांग, आंदोलन की चेतावनी
उल्हासनगर। शहर के कैंप क्रमांक-4 स्थित सुभाष टेकड़ी क्षेत्र में दूषित और बदबूदार पानी की आपूर्ति से नागरिक परेशान हैं। पिछले कई दिनों से दो से तीन दिन के अंतराल पर पानी मिल रहा है। नलों से आने वाला मटमैला पानी तेज दुर्गंधयुक्त होने के कारण लोगों में बीमारी फैलने का डर है।
पानी से स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दूषित पानी के इस्तेमाल से कई परिवारों में गले में संक्रमण, खांसी, उल्टी और दस्त जैसी शिकायतें सामने आई हैं। नागरिकों के अनुसार, पानी में सड़ी हुई मछली जैसी दुर्गंध आती है, जो उबालने के बाद भी दूर नहीं होती। महानगरपालिका के बोरवेल की हालत भी खराब है। नियमित जलापूर्ति नहीं होने से लोगों को मजबूरी में दो-तीन दिन तक पानी जमा करके रखना पड़ता है।
जलापूर्ति व्यवस्था की जांच की मांग
समाजसेवक संजय वाघमारे ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि क्षेत्र में मिलने वाला पानी पीने योग्य ही नहीं, बल्कि घरेलू इस्तेमाल के लिए भी उपयुक्त नहीं है। उन्होंने महानगरपालिका से जलापूर्ति तंत्र की तत्काल जांच कराने, पानी के नमूनों की प्रयोगशाला में जांच करवाने और दूषित पानी की आपूर्ति बंद करने की मांग की है। साथ ही नागरिकों को नियमित और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।
वाघमारे ने चेतावनी दी कि यदि महानगरपालिका ने जल्द समस्या का समाधान नहीं किया, तो क्षेत्र के नागरिकों को साथ लेकर तीव्र जन आंदोलन किया जाएगा।
