नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान सत्यापित करने और आधार से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए नए नियम अधिसूचित किए हैं। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ओर से 14 अक्टूबर 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, आधार संख्या उपलब्ध नहीं होने पर नामांकन के लिए वैकल्पिक दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। नियमों में पहचान की पुष्टि, बायोमेट्रिक सत्यापन में विफलता से निपटने और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं के लाभ से वंचित होने से बचाने के प्रावधान शामिल हैं।

आधार नहीं होने पर वैकल्पिक दस्तावेजों की व्यवस्था
भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के मुताबिक, आधार संख्या उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में नामांकन के लिए वैकल्पिक दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे उन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो किसी कारण से आधार संख्या उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। हालांकि, अधिसूचना के उपलब्ध विवरण में वैकल्पिक दस्तावेजों की पूरी सूची नहीं दी गई है। इसलिए किसी विशेष दस्तावेज को सभी योजनाओं में मान्य मानने से पहले संबंधित योजना के नियमों की जांच करना जरूरी होगा।